Delhi Air Pollution: दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, AQI 341 तक पहुंचा, लोगों की चिंता बढ़ी
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 Delhi Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार, 21 जनवरी की सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में दर्ज की गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 341 रहा. हालांकि, मंगलवार सुबह की तुलना में, जब AQI 397 था, इसमें मामूली सुधार देखा गया है, लेकिन प्रदूषण का स्तर अभी भी चिंताजनक बना हुआ है.

दिल्ली के इन इलाकों में सबसे खराब स्थिति

शहर के कई संवेदनशील इलाकों में प्रदूषण का स्तर औसत से काफी अधिक दर्ज किया गया. आनंद विहार और अशोक विहार जैसे क्षेत्रों में AQI 388 तक पहुंच गया, जबकि वज़ीरपुर में यह 386 रहा. यह भी पढ़े:  Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR को बड़ी राहत! वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद GRAP-IV की पाबंदियां हटीं, लेकिन स्टेज-III के नियम रहेंगे लागू

अन्य प्रभावित इलाकों का हाल इस प्रकार है:

  • आरके पुरम: 377

  • द्वारका सेक्टर 8: 376

  • पंजाबी बाग: 374

  • आईटीओ: 369

  • चांदनी चौक: 369

  • बवाना: 383

धुंध और कड़ाके की ठंड का दोहरा वार

प्रदूषण के साथ-साथ दिल्लीवासियों को कड़ाके की ठंड और कोहरे का भी सामना करना पड़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बुधवार सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा. सुबह 7 बजे शहर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. कम तापमान और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण जमीन के करीब जमा हो रहे हैं, जिससे दृश्यता कम हो गई है.

GRAP-4 को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला

वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में लागू 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के चौथे चरण (Stage-IV) के प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है. इससे पहले 17 जनवरी को AQI के 'गंभीर' (Severe) श्रेणी (450 से ऊपर) में जाने की आशंका के चलते कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे.

हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण की निगरानी जारी रहेगी और स्टेज-1, 2 और 3 के तहत लागू पाबंदियां जारी रहेंगी ताकि स्थिति को दोबारा बिगड़ने से रोका जा सके.

स्वास्थ्य पर पड़ता असर

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि 300 से ऊपर का AQI बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए बेहद खतरनाक है. लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह की सैर से बचें और बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें.