Cyber Fraud Alert: साइबर फ्रॉड को लेकर इंदौर पुलिस की चेतावनी, शादी के डिजिटल कार्ड से खाली हो सकता है बैंक खाता, रहें सावधान
इंदौर पुलिस ने शादी के डिजिटल निमंत्रण कार्ड के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी किया है. जालसाज APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर रहे हैं और बैंक खाते साफ कर रहे हैं.
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Cyber Fraud Alert: शादी-ब्याह के सीजन का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका निकाला है. इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नागरिकों को ऐसे डिजिटल वेडिंग इन्विटेशन (शादी के कार्ड) से सावधान रहने के लिए कहा है, जो मोबाइल में वायरस या 'APK' फाइल इंस्टॉल कर डेटा और पैसे चुरा रहे हैं.
कैसे काम कर रहा है यह नया स्कैम?
पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, जालसाज अज्ञात नंबरों से व्हाट्सएप या टेक्स्ट मैसेज के जरिए शादी का डिजिटल कार्ड भेजते हैं. इन मैसेज में अक्सर 'Invitation.apk' जैसी फाइल या संदिग्ध लिंक होते हैं. जैसे ही कोई यूजर इस फाइल को डाउनलोड करता है, यह मोबाइल का रिमोट एक्सेस (नियंत्रण) हैकर्स को दे देती है. इसके बाद अपराधी फोन से व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी और बैंकिंग डिटेल्स चुराकर खाते से पैसे उड़ा देते हैं. यह भी पढ़े: Mumbai Cyber Fraud: 734 ट्रांजैक्शन, 21 महीने, 4 महिलाएं…ऑनलाइन प्यार के जाल में फंसकर बुजुर्ग ने गंवाए 9 करोड़ रुपये
सीजनल फ्रॉड का फायदा उठा रहे अपराधी
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि लोग शादी के सीजन में अक्सर बिना सोचे-समझे कार्ड खोलने की गलती कर बैठते हैं. इसी मनोवैज्ञानिक स्थिति का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एक छोटी सी लापरवाही गंभीर साइबर अपराध का कारण बन सकती है. इंदौर में इस तरह की फाइलों के जरिए मोबाइल हैक होने की कुछ हालिया घटनाओं के बाद यह अलर्ट जारी किया गया है.
सुरक्षा के लिए पुलिस के सुझाव
साइबर सेल ने नागरिकों से सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
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अज्ञात लिंक से बचें: किसी भी अनजान नंबर से आए डिजिटल कार्ड या लिंक पर क्लिक न करें.
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APK फाइल डाउनलोड न करें: मोबाइल में कभी भी कोई फाइल इंस्टॉल न करें जिसका स्रोत संदिग्ध हो.
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पहचान की पुष्टि करें: यदि किसी परिचित के नाम से कार्ड आया है लेकिन नंबर नया है, तो फाइल खोलने से पहले फोन कॉल करके पुष्टि जरूर करें.
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एंटी-वायरस का उपयोग: अपने स्मार्टफोन में सुरक्षा सेटिंग्स और ऐप अनुमतियों (Permissions) को नियमित रूप से चेक करें.
शिकायत कहां करें?
यदि आप इस तरह के किसी संदिग्ध मैसेज को प्राप्त करते हैं या ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत इंदौर साइबर सेल को इसकी सूचना दें. इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके या आधिकारिक पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जागरूकता ही इस प्रकार के अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी जरिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 07, 2026 03:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

