कोरोना वायरस का प्रकोप: DGCA का ऐलान, 14 अप्रैल तक घरेलू विमान सेवा बंद
कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के चलते सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) पर 14 अप्रैल तक का प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है. इससे पहले 19 मार्च को ही सरकार ने सभी विमानन कंपनियों को निर्देश जारी किया था कि 22 मार्च से कोई भी इंटरनेशनल फ्लाइट्स भारत से उड़ान नहीं भरेगी. वहीं इसकी समय सीमा नागर विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) फिर आगे बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है. कोरोना वायर पर लगाम लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई अहम फैसले ले रही हैं. इस दौरान जो लोग अन्य राज्यों में फंसे हैं उन्हें वहीं रहने के लिए भी कहा गया है.
कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के चलते सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) पर 14 अप्रैल तक का प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है. इससे पहले 19 मार्च को ही सरकार ने सभी विमानन कंपनियों को निर्देश जारी किया था कि 22 मार्च से कोई भी इंटरनेशनल फ्लाइट्स भारत से उड़ान नहीं भरेगी. वहीं इसकी समय सीमा नागर विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) फिर आगे बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है. कोरोना वायर पर लगाम लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई अहम फैसले ले रही हैं. इस दौरान जो लोग अन्य राज्यों में फंसे हैं उन्हें वहीं रहने के लिए भी कहा गया है.
कोरोना वायरस के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों का ऐलान किया है. जिसके बाद से न तो कोई सरकारी वाहन सड़को पर चल रही हैं और नहीं कोई रेल पटरी पर दौड़ रही है. वहीं अब घरेलु विमान सेवा भी 14 अप्रैल तक प्रतिबंधित कर दिया गया है. वहीं लॉकडाउन के बाद देश में बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो अपने नेटिव प्लेस जाना चाहते हैं. लेकिन इन सुविधाओं के बंद होने पर अब वे भी बस इंतजार कर रहे हैं, सब बेहतर हो.
बता दें कि अगर देश में यदि जून के अंत तक सभी तरह की उड़ानें बंद रहती हैं तो भारतीय विमानन क्षेत्र को अप्रैल-जून तिमाही में 3.3 से 3.6 अरब डॉलर का नुकसान होने की संभावना है. वहीं हवाई अड्डों और अन्य सुविधाओं को 1.50 अरब से 1.75 अरब डॉलर तक हानि होने का अनुमान है। जबकि ग्रांउड हैंडलिंग परिचालन बंद रहने से भी आठ करोड़ से नौ करोड़ डॉलर के नुकसान की संभावना है.
कोरोना वायरस के कारण रेलवे ने पहले ही अपनी सेवाओं पर विराम लगा दिया है. जिसमें रेलवे रोजाना लगभग 13,523 ट्रेनों का संचालन करता है, जिसमें 5,881 ईएमयू, 3,695 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें और 3,947 यात्री ट्रेनें शामिल हैं. इस दौरान सिर्फ मालगाड़ियां चलेंगी. रेलवे ने कोरोना वायरस संक्रमित यात्रियों के संक्रमण फैलाने की चिंताओं के बीच यह कदम उठाया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 27, 2020 05:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

