पुणे: राजगुरुनगर में बुधवार दोपहर को अपनी घर के पास खेल रही दो बहनें, जिनकी उम्र 8 और 9 वर्ष थी, अचानक लापता हो गईं. रात में उनका शव उसी इमारत में स्थित एक पानी की टंकी में मिला, जहां वह अपने परिवार के साथ रहती थीं. पुलिस के अनुसार, इन बहनों की हत्या उसी इमारत के एक रसोइये ने की, जो उनके परिवार से परिचित था. रसोइया (54) ने उन्हें झांसा देकर अपने कमरे में बुलाया और फिर उन पर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया.
पुलिस उपाधीक्षक (पुणे ग्रामीण) रमेश चोपड़े ने बताया, "रसोइये ने प्रारंभिक पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने पहले दोनों बहनों को ‘लड्डू’ देने के बहाने अपने कमरे में बुलाया. जब बड़ी बहन कमरे में आई, तो उसने उसे बाथरूम में बंद कर दिया. छोटी बहन ने यह देखा और शोर मचाने की कोशिश की, तो रसोइये ने उस पर पाइप से वार किया और उसे पानी की टंकी में डुबोकर मार डाला."
"इसके बाद, उसने बड़ी बहन को बाथरूम से बाहर निकाला और उसके साथ भी शारीरिक शोषण करने की कोशिश की, लेकिन जब वह चीखी, तो रसोइये को डर लगा और उसने बड़ी बहन को भी पानी की टंकी में डुबोकर मार डाला." चोपड़े ने आगे बताया. रसोइये ने शवों को पानी की टंकी में डाला और कमरे को कपड़े से ढक दिया.
पुलिस ने बताया कि जब लड़कियों के माता-पिता घर लौटे और अपनी बेटियों को नहीं पाया, तो उन्होंने उनकी तलाश शुरू की और फिर खेड पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू की और फिर उसी इमारत के पहले तल पर स्थित रसोइये के कमरे में लड़कियों के शव पानी की टंकी में पड़े मिले. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने रसोइये के कमरे से उसकी तलाश शुरू की, और फिर पुणे शहर के एक लॉज में उसे गिरफ्तार किया, जहां वह पश्चिम बंगाल भागने की तैयारी कर रहा था. रसोइये के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में घबराहट और गुस्से का माहौल है. पुलिस ने मामले की गहराई से जांच जारी रखी है और अपराधी को कड़ी सजा दिलवाने का आश्वासन दिया है.













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