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Modi Govt Block 14 Mobile Messenger Apps: कश्मीर में आतंकियों का सहारा बन रहे 14 मैसेंजर एप्स को सरकार ने किया ब्लॉक, पाकिस्तान से मिलते थे मैसेज

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 14 मैसेंजर मोबाइल एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया. केंद्र ने यह कदम रक्षा बलों, खुफिया और जांच एजेंसियों की सिफारिश पर उठाया है.

Modi Govt Block 14 Mobile Messenger Apps: कश्मीर में आतंकियों का सहारा बन रहे 14 मैसेंजर एप्स को सरकार ने किया ब्लॉक, पाकिस्तान से मिलते थे मैसेज
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 14 मैसेंजर मोबाइल एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया. केंद्र ने यह कदम रक्षा बलों, खुफिया और जांच एजेंसियों की सिफारिश पर उठाया है. जानकारी के मुताबिक इन ऐप्स में सेफस्विस, क्रिपवाइजर, एनिग्मा, विकरमे, मीडियाफायर, ब्रायर, बीचैट, नैंडबॉक्स, एलिमेंट, सेकेंड लाइन, कॉनियन, आईएमओ, जांगी आदि शामिल हैं. Artillary Regiment: फ्रंट लाइन पर दुश्मन से लोहा लेंगी बेटियां, आर्टिलरी रेजीमेंट में पहली बार हुई तैनाती.

भारत सरकार ने बताया है कि इन एप से देश की सुरक्षा को खतरा है, जिसके बाद इन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया है. विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से गृह मंत्रालय ने पाया कि ये मोबाइल ऐप आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को गतिविधियों में शामिल होने में मदद करते हैं.

आतंक पर प्रहार

जानकारी के मुताबिक ये ऐप्स जम्मू-कश्मीर में आतंकी प्रचार और युवाओं को भड़काते पाए गए हैं. News 18 ने अपनी रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा कि इन ऐप्स को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत ब्लॉक किया गया है.

आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच में शामिल एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि कई मौकों पर, सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों ने ऑपरेशन में मारे गए आतंकवादियों से बरामद मोबाइल फोन पर डाउनलोड किए गए इन ऐप्स को पाया है, या जांच के दौरान यह पता चला कि इन ऐप्स का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के एजेंडे को बढ़ाने के लिए किया गया था. साथ ही, गिरफ्तार किए गए कई ओजीडब्ल्यू के फोन में भी ये ऐप्स पाए गए थे.

इसी तरह, पिछले कुछ वर्षों में सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के संचार नेटवर्क में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है जिन ऐप्स को ब्लॉक किया गया है, उनके सर्वर अलग-अलग देशों में हैं, जिससे उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है. साथ ही भारी एन्क्रिप्शन के कारण इन ऐप्स को इंटरसेप्ट करने का कोई तरीका नहीं है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2023 09:41 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).