लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में अब बिल्लियों को पालना लोगों के लिए मुश्किल होनेवाला है. अब बिल्लियों को पालने के लिए लोगों को लाइसेंस लेना होगा और लाइसेंस (License) नहीं लेनेवालों पर जुर्माना लगाया जाएगा. ये लाइसेंस एक साल के लिए बनाया जाएगा और इसी फ़ीस 500 रूपए होगी और अगर बिना लाइसेंस के कोई बिल्ली पालेगा तो उसपर 1 हजार रूपए का जुर्माना (Fine) लगाया जाएगा. इसका आदेश जारी कर दिया गया है.नगर निगम के (Municipal Corporation) के पशुकल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक़ लाइसेंस एक साल के लिए बनेगा और उसका शुल्क 500 रुपये है. बिना लाइसेंस बिल्ली पालने पर 1000 रूपए जुर्माना लगेगा.
लखनऊ नगर निगम (LMC) ने मंगलवार से पालतू बिल्लियों के लिए रजिस्ट्रेशन (Registration) योजना शुरू कर दी है.इसके तहत हर बिल्ली के मालिक को 500 रूपए शुल्क देकर वार्षिक लाइसेंस लेना होगा. अगर कोई मालिक नियमों का पालन नहीं करता, तो उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.ये भी पढ़ेAnti Encroachment Drive in Lucknow: लखनऊ में अवैध निर्माण किए जाएंगे ध्वस्त, चिन्हित किए गए मकान
रेबीज पर नियंत्रण का उद्देश्य
नगर निगम (Municipal Corporation) का कहना है कि यह कदम रेबीज (Rabies) जैसी बीमारियों को रोकने और जिम्मेदार पालतू स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है. इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पालतू बिल्लियों का टीकाकरण अनिवार्य रूप से हो.
क्या होगी इसकी प्रक्रिया
रजिस्ट्रेशन (Registration) कराने के लिए बिल्ली के मालिक को अपना आधार कार्ड और बिल्ली का टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ लाना होगा.यह लाइसेंस एक साल के लिए मान्य रहेगा और हर साल इसका नवीनीकरण कराना जरूरी होगा.
कहां और कैसे होगा आवेदन
फिलहाल यह प्रक्रिया ऑफलाइन (Offline) है. पालतू बिल्ली के मालिकों को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नगर निगम मुख्यालय के पास स्थित भोपाल हाउस में पशु कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा. अधिकारी अफसर अली ने बताया कि वे नागरिकों को पूरी मदद और मार्गदर्शन देंगे.













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