Bird Flu in Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में 'बर्ड फ्लू' का कहर, 2 दिनों में 90 पक्षियों की मौत के बाद हाई अलर्ट; सरकार ने बनाए कंटेनमेंट जोन
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

अमरावती: आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के श्री सत्य साई जिले (Sri Sathya Sai District) में 'एवियन इन्फ्लुएंजा' (Avian Influenza) (बर्ड फ्लू) के प्रकोप के बाद राज्य सरकार (State Government) ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट (High Alert) घोषित कर दिया है. जिले के एक स्थानीय पोल्ट्री फार्म में मात्र 48 घंटों के भीतर लगभग 90 पक्षियों की अचानक मौत हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कंटेनमेंट प्रोटोकॉल (Containment Protocols) लागू कर दिया है. भोपाल स्थित 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज' (National Institute of High Security Animal Diseases) (NIHSAD) की लैब रिपोर्ट में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है. यह भी पढ़ें: Bird Flu in Maharashtra: महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू का खतरा, 7 हजार से ज्यादा पक्षियों को मारा, 2,230 अंडो को किया गया नष्ट; कुछ दिन चिकन न खाने की हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह

कंटेनमेंट जोन और कलिंग ऑपरेशन

संक्रमण की पुष्टि होते ही पशुपालन विभाग ने प्रभावित पोल्ट्री फार्म को 'कंटेनमेंट जोन' घोषित कर दिया है. राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, 'इन्फेक्टेड जोन' (संक्रमित क्षेत्र) के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी घरेलू पक्षियों को मारने (Culling) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों के पक्षियों को मारा जाएगा, उन्हें सरकारी मानदंडों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा.

10 किमी दायरे में निगरानी और प्रतिबंध

वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 'एपिसेंटर' (केंद्र) के 10 किलोमीटर के दायरे में 'रैपिड रिस्पांस टीमें' तैनात की गई हैं, जो घर-घर जाकर निगरानी कर रही हैं. सरकार ने प्रभावित गांवों से पोल्ट्री उत्पादों और खाद की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है. स्वास्थ्य विभाग उन लोगों की भी निगरानी कर रहा है जो संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आए थे. एहतियात के तौर पर स्थानीय अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं.

उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश

खाद्य सुरक्षा को लेकर जनता की चिंताओं को दूर करते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यदि सही तरीके से पकाया जाए, तो चिकन और अंडे का सेवन सुरक्षित है.

पोल्ट्री उद्योग पर प्रभाव और बायो-सिक्योरिटी

आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख पोल्ट्री और अंडा उत्पादक राज्यों में से एक है. इस अलर्ट के बाद अंतर-राज्यीय सीमाओं पर पक्षियों के परिवहन की निगरानी बढ़ा दी गई है. किसानों को अपने फार्मों में 'बायो-सिक्योरिटी' (Biosecurity) उपायों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित करना, शेड का बार-बार कीटाणुशोधन और पानी के स्रोतों को प्रवासी पक्षियों से बचाना शामिल है.

भारत में अक्सर सर्दियों के महीनों में प्रवासी पक्षियों के आगमन के दौरान बर्ड फ्लू के छिटपुट मामले देखे जाते हैं. सरकार ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है.