Typhoid Outbreak in Gandhinagar: गांधीनगर में दूषित पानी से फैला टाइफाइड, 100 से अधिक अस्पताल में भर्ती; स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
अस्पताल/ प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: PICRYL)

Typhoid Outbreak in Gandhinagar:  गुजरात (Gujarat) की राजधानी गांधीनगर (Gandhi Nagar) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि दूषित पेयजल (Contaminated Drinking Water) की आपूर्ति के कारण स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार, 4 जनवरी 2026 तक शहर में टाइफाइड (Typhoid) के कम से कम 104 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने आपातकालीन स्वास्थ्य प्रतिक्रिया (Emergency Health Response) शुरू कर दी है. दूषित पानी पीने के कारण टाइफाइड का प्रकोप फैल गया है और  बीमारों में सबसे अधिक संख्या बच्चों की है, जिनका इलाज गांधीनगर सिविल अस्पताल और अन्य स्थानीय केंद्रों में चल रहा है.

सीवेज और पेयजल लाइन मिलने से बढ़ा संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शहर के सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवाड़ा क्षेत्र में पेयजल की पाइपलाइन में सीवेज का गंदा पानी मिल जाने के कारण यह बीमारी फैली है.  पिछले तीन दिनों में टाइफाइड के पॉजिटिव मामलों में 50% की भारी वृद्धि देखी गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पतालों में विशेष पीडियाट्रिक (बाल रोग) वार्ड खोले गए हैं.

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर उठे सवाल

यह संकट शहर के जल प्रबंधन और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर गंभीर सवाल खड़े करता है. हाल ही में 257 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई गई 24/7 जल आपूर्ति नेटवर्क की लाइनों में सात जगहों पर लीकेज पाए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, नई पाइपलाइनें ड्रेनेज लाइनों के बहुत करीब बिछाई गई थीं. पानी का दबाव बढ़ने पर पाइप के कमजोर जोड़ खुल गए और सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल गया. इसके अलावा, निजी ठेकेदारों द्वारा की गई अनियंत्रित खुदाई को भी पाइपलाइन फटने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है.

सरकार और प्रशासन की कार्रवाई

गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और बताया कि 22 डॉक्टरों की एक समर्पित टीम तैनात की गई है. वहीं, गांधीनगर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा की है.

  • डोर-टू-डोर सर्वे: प्रशासन ने 63 निगरानी टीमें तैनात की हैं, जिन्होंने अब तक 10,000 घरों के लगभग 38,000 लोगों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया है.
  • सुपर-क्लोरीनीकरण: गांधीनगर नगर निगम (GMC) ने प्रभावित सेक्टरों के पानी के टैंकों में 'सुपर-क्लोरीनीकरण' शुरू कर दिया है और लीकेज को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है.

नागरिकों के लिए स्वास्थ्य परामर्श (Health Advisory)

स्वास्थ्य अधिकारियों ने गांधीनगर के निवासियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. पानी उबालकर पिएं: सभी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं.
  2. बाहर के खाने से बचें: स्थिति सामान्य होने तक बाहर के खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें.
  3. लक्षणों को न पहचानें: यदि तेज बुखार, पेट दर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस (ORS) पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं. राहत की बात यह है कि वर्तमान में अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है.