Bharat Bandh On October 3 Postponed: 3 अक्टूबर को नहीं होगा भारत बंद, AIMPLB ने इस वजह से लिया बड़ा फैसला
Bharat Bandh on October 3 Postpone

All India Muslim Personal Law Board Bharat Bandh Postponed: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा 3 अक्टूबर को प्रस्तावित भारत बंद को टाल दिया गया है. इससे देश के कई हिस्सों में स्कूल, बैंक, दुकानें और सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ प्रभावित होने की आशंका थी. रिपोर्ट के अनुसार, AIMPLB ने हाल ही में पारित ‘वक्फ संशोधन अधिनियम 2025’ (Waqf Amendment Act 2025) के विरोध में 3 अक्टूबर को भारत बंद बुलाया था. लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है. मुस्लिम बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में 3 अक्टूबर को कई गैर-मुस्लिम समुदायों के त्यौहार होने के कारण यह फैसला लिया गया है. भारत बंद की नई तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी.

स्कूल, बैंक और दुकानें हो सकती है प्रभावित

अगर आगामी शुक्रवार को भारत बंद हुआ होता, तो स्कूल, बैंक और दुकानों की सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना थी. सरकार उस दिन स्कूल बंद करने का आधिकारिक आदेश भी जारी कर सकती थी, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कई निजी स्कूल छुट्टी घोषित कर सकते थे या समय बदल सकते थे.

बैंकों की सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना थी, क्योंकि कई बैंक कर्मचारी यूनियनों ने बंद का समर्थन किया होता. इससे चेक क्लियरेंस, लोन प्रोसेसिंग, एटीएम में कैश उपलब्धता और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाओं में देरी हो सकती थी. साथ ही, बीमा सेवाओं जैसे क्लेम सेटलमेंट पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका थी.

बंद के दौरान ज्यादातर दुकानें, दफ्तर और स्थानीय व्यवसाय बंद रह सकते थे, खासकर उन राज्यों में जहां प्रदर्शन ज्यादा सक्रिय होता. हालांकि, आम जनता की सुविधा के लिए मेडिकल स्टोर और जरूरी सामान की दुकानें खुली रहतीं.

सार्वजनिक परिवहन और सेवाओं पर असर

यदि भारत बंद होता तो सार्वजनिक परिवहन पर आंशिक असर पड़ सकता था. बस सेवाएं कम फ्रीक्वेंसी पर चल सकती थीं. दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलने की संभावना थी. ऑटो और कैब सेवाएं (जैसे ओला और उबर) उपलब्ध रहतीं, लेकिन ट्रैफिक डायवर्जन, देरी और मांग के अनुसार किराया बढ़ने का सामना करना पड़ सकता था.

डाक सेवाओं पर भी असर पड़ सकता था, क्योंकि कई डाक कर्मचारी भारत बंद में शामिल होते. सरकारी दफ्तर आधिकारिक रूप से खुले रहते, लेकिन हाज़िरी सामान्य से कम रहने की संभावना थी.

जरूरी और आपातकालीन सेवाएं चालू रहतीं

हालांकि बंद होने पर भी अस्पताल, क्लीनिक और फार्मेसी पर कोई असर नहीं पड़ता. एम्बुलेंस सेवाएं और जरूरी सप्लाई सामान्य रूप से चलतीं. संवेदनशील इलाकों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तैनाती बढ़ाई जाती.

भारत बंद के पीछे कारण

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है, कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करता है. इसी के विरोध में भारत बंद की घोषणा की गई थी. हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह बंद किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल वक्फ कानून में हुए बदलावों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध था.

यह बंद केवल सुबह से दोपहर तक रहता, इसलिए शाम तक स्थिति सामान्य हो जाती. प्रशासन ने लोगों से अपील भी की थी कि वे शांत रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा उपायों में सहयोग करें.

कुल मिलाकर, 3 अक्टूबर का भारत बंद स्थगित कर दिया गया है. नई तारीख की घोषणा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा जल्द ही बताई जाएगी.