यूनिकॉर्न बनने से चूका Astrotalk, आखिरी मौके पर 1000 करोड़ की डील हुई कैंसल, जानें इसकी वजह
(Photo : Astrotalk)

Astrotalk Funding Deal Collapses with Hornbill Capital: ज्योतिष से जुड़ा स्टार्टअप 'एस्ट्रोटॉक' (Astrotalk) एक बहुत बड़ी डील हासिल करने के बेहद करीब था, लेकिन आखिरी मौके पर यह डील टूट गई. अगर यह डील हो जाती तो एस्ट्रोटॉक एक यूनिकॉर्न कंपनी बन जाती, यानी उसकी वैल्यू 1 अरब डॉलर (करीब 8300 करोड़ रुपये) से ज्यादा हो जाती.

हॉर्नबिल कैपिटल (Hornbill Capital) नाम की एक बड़ी इन्वेस्टमेंट कंपनी, एस्ट्रोटॉक में 100 से 120 मिलियन डॉलर (करीब 830 से 1000 करोड़ रुपये) का निवेश करने वाली थी. लेकिन अब उसने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं. आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ.

डील टूटने की दो बड़ी वजहें

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील के टूटने की दो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं.

  1. आपत्तिजनक कंटेंट (NSFW): पहली और सबसे चौंकाने वाली वजह है 'नॉट सेफ फॉर वर्क' (NSFW) कंटेंट. जब हॉर्नबिल कैपिटल ने निवेश से पहले एस्ट्रोटॉक के प्लेटफॉर्म की जांच-पड़ताल की, तो उन्हें वहां कुछ आपत्तिजनक वीडियो और चैट्स मिले. एक सूत्र ने बताया कि कोई भी निवेशक ऐसी चीज़ों से जुड़ा जोखिम नहीं लेना चाहता, इसलिए उन्होंने डील से पीछे हटने का फैसला किया.
  2. पैसे पर नहीं बनी बात: वहीं, कुछ दूसरे सूत्रों का कहना है कि असली वजह पैसों को लेकर असहमति थी. बताया जा रहा है कि एस्ट्रोटॉक अपनी कंपनी के लिए ज्यादा वैल्यूएशन (कीमत) मांग रहा था या फिर कम हिस्सेदारी बेचना चाहता था. इस वजह से दोनों कंपनियों के बीच बात नहीं बन पाई.

कंपनी का प्रदर्शन कैसा है?

एस्ट्रोटॉक एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो यूजर्स को वेरीफाइड ज्योतिषियों से जोड़ता है और इसी से पैसे कमाता है. कंपनी का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है.

  • वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 1,200 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो पिछले साल 651 करोड़ रुपये था.
  • मुनाफा भी 100 करोड़ रुपये से बढ़कर 250 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
  • कंपनी के फाउंडर पुनीत गुप्ता के पास लगभग 72% हिस्सेदारी है.

यह भी कहा जा रहा है कि कंपनी को फिलहाल काम चलाने के लिए पैसों की कोई खास जरूरत नहीं है. पिछले साल ही कंपनी ने दूसरे निवेशकों से करीब 78 करोड़ रुपये जुटाए थे.

भारत में ज्योतिष और धर्म से जुड़ा ऑनलाइन बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बाजार 350 अरब डॉलर से भी ज्यादा का है, जिसमें एस्ट्रोटॉक जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़े मौके हैं.