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एलएसी पर तैनात रहेगी सेना, पूरी तरह से डिसएंगेजमेंट अभी बाकी: वायुसेना प्रमुख

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने शनिवार को कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पूरी तरह से डिसएंगेजमेंट (सैनिकों की वापसी) नहीं हुआ है, इसलिए सुरक्षाबल अग्रिम स्थानों पर तैनात हैं.

एलएसी पर तैनात रहेगी सेना, पूरी तरह से डिसएंगेजमेंट अभी बाकी: वायुसेना प्रमुख
IAF प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी (Photo Credits: ANI)

हैदराबाद/नई दिल्ली, 18 दिसम्बर : भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने शनिवार को कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पूरी तरह से डिसएंगेजमेंट (सैनिकों की वापसी) नहीं हुआ है, इसलिए सुरक्षाबल अग्रिम स्थानों पर तैनात हैं. वायु सेना अकादमी हैदराबाद में संयुक्त स्नातक परेड के दौरान बोलते हुए, एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि चीन के साथ गतिरोध अभी भी बना हुआ है और कुछ क्षेत्रों में डिसएंगेजमेंट हुआ है, जिसमें केवल लद्दाख शामिल है.

उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना सीमाओं पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. भारत और चीन एलएसी पर करीब 20 महीने से गतिरोध में हैं. एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा, "आईएएफ राफेल, अपाचे, चिनूक और एसएजीडब्ल्यू सिस्टम की एक विस्तृत विविधता के शामिल होने के साथ एक अत्यधिक शक्तिशाली वायु सेना में परिवर्तन के कगार पर है." वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि राफेल विमानों को शामिल करने का काम फरवरी 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 36 विमानों में से 32 की डिलीवरी हो चुकी है. शेष चार में से तीन फरवरी में समय पर पहुंचेंगे. यह भी पढ़ें : कांग्रेस के रास्ते पर भाजपा, सीबीआई, ईडी भी आएंगे चुनाव लड़ने: अखिलेश यादव

सैन्य हेलिकॉप्टर दुर्घटना पर, आईएएफ प्रमुख ने कहा कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी जारी है. जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 12 सशस्त्र बलों के जवान 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हो गए थे. जनरल रावत व्याख्यान के लिए वेलिंगटन जा रहे थे. युवा स्नातकों से उन्होंने कहा, "एक अच्छा अधिकारी बनने के लिए, आपको भारतीय वायुसेना की सभी शाखाओं की बारीकियों की समग्र समझ होनी चाहिए. इसलिए, सभी शाखाओं के कामकाज को समझने की क्षमता - चाहे वह उड़ान, तकनीकी, रसद, लेखा या प्रशासन हो, यह आपको पूरी तरह से पेशेवर बनने में मदद करता है."

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों के रूप में, उन्हें सैन्य इतिहास, भू-राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के अध्ययन के माध्यम से इस जटिल और गतिशील दुनिया की समझ विकसित करनी चाहिए. उन्होंने कहा, "यह तभी संभव हो सकता है जब आप अपने सेवा करियर के शुरूआती वर्षों में पढ़ने की आदतों को विकसित करें. आईएएफ आपको अपनी पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन, उत्कृष्टता और पोषण करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करेगा, यदि आपके पास इच्छाशक्ति और ²ढ़ता है."

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 18, 2021 03:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).