IAF Fighter Jets Perform Video: भारतीय वायुसेना (IAF) ने बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा युद्धाभ्यास आयोजित किया. इस दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमानों, विशेष रूप से जगुआर (Jaguar) और सुखोई-30 (Sukhoi-30), ने एक्सप्रेसवे पर बनी विशेष हवाई पट्टी पर 'टच-एंड-गो' (Touch-and-Go) ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. इस शक्ति प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर काफी वायरल हो रहा है.
आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारी
यह अभ्यास सुल्तानपुर के कूरेभार के पास 'अरवल कीरी-करवत' हवाई पट्टी पर किया गया. इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य युद्ध या राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थितियों में एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रनवे के रूप में उपयोग करने की वायुसेना की क्षमता को परखना है. वायुसेना समय-समय पर अपनी परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभ्यास करती रहती है. यह भी पढ़े: IAF Fighter Jet Crash Video: राजस्थान के चूरू में वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट क्रैश, हादसे में 2 लोगों के हताहत होने की खबर
देखें वीडियो:
#WATCH उत्तर प्रदेश: सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जगुआर लड़ाकू विमान उतरा, यहां भारतीय वायु सेना (IAF) ने टेक-ऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया। pic.twitter.com/gN5PN9Ztso
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
जगुआर और सुखोई का प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान जगुआर लड़ाकू विमान ने तेज गर्जना के साथ एक्सप्रेसवे की पट्टी को छुआ और तुरंत उड़ान भरी. इसके अलावा सुखोई-30 एमकेआई और मिराज-2000 जैसे विमानों ने भी इस ड्रिल में हिस्सा लिया. अधिकारियों के अनुसार, यह 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी विशेष रूप से भारी लड़ाकू विमानों और परिवहन विमानों के भार को सहने के लिए डिजाइन की गई है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और रूट डायवर्जन
अभ्यास के मद्देनजर जिला प्रशासन और वायुसेना ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे. बुधवार और गुरुवार (22-23 अप्रैल) के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर सामान्य यातायात को रोक दिया गया था. लखनऊ से गाजीपुर और इसके विपरीत जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट (डायवर्जन) तय किया गया, ताकि अभ्यास बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके.
पृष्ठभूमि: सामरिक महत्व की हवाई पट्टी
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर इस हवाई पट्टी का उद्घाटन नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. भारत में अब तक ऐसे 28 स्थानों की पहचान की गई है जहां राष्ट्रीय राजमार्गों को आपातकालीन लैंडिंग फील्ड (ELF) के रूप में विकसित किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर भी इसी तरह की हवाई पट्टियां मौजूद हैं, जो भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूती प्रदान करती हैं.













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