Gujarat: कच्छ के तट पर मिला 10 फीट लंबा लावारिस ड्रोन विंग; तकनीकी जांच के लिए वायुसेना को भेजा गया मलबा
गुजरात के कच्छ जिले में तटीय गश्त के दौरान एक लावारिस ड्रोन का 10 फीट लंबा हिस्सा बरामद किया गया है. अधिकारियों ने मलबे को तकनीकी विश्लेषण और मूल देश की पहचान के लिए भारतीय वायुसेना को सौंप दिया है.
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भुज, 4 मई: गुजरात (Gujarat) के पश्चिमी कच्छ (Western Kutch) तट पर सुरक्षा बलों (Security Forces) ने गश्त के दौरान एक लावारिस ड्रोन का विंग (Wing of an Unclaimed Drone) (पंख) बरामद किया है. यह बरामदगी 2 मई को पिंगलेश्वर बीच (Pingleshwar Beach) और सिंधोड़ी गांव (Sindhori Village) के बीच समुद्र तट पर हुई. अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि बरामद सामग्री को भारतीय वायुसेना (IAF) के पास भेजा गया है ताकि इसके मूल स्थान और तकनीकी विशिष्टताओं का पता लगाया जा सके.
ड्रोन का यह हिस्सा स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), लोकल इंटेलिजेंस ब्रांच (L.I.B.) की फील्ड यूनिट, जखौ पुलिस और स्टेट इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीमों द्वारा की जा रही समन्वित गश्त के दौरान मिला. पुलिस के अनुसार, बरामद ड्रोन विंग की लंबाई लगभग 10 फीट और चौड़ाई तीन फीट है. यह भी पढ़ें: बारामूला से भुज तक PAK सीमा के पास दिखे 26 ड्रोन, भारत दे रहा मुंहतोड़ जवाब; सेना अलर्ट पर
वायुसेना करेगी तकनीकी विश्लेषण
कच्छ के पुलिस अधीक्षक (SP) विकास सुंदर ने बताया कि मलबा नियमित निगरानी के दौरान मिला. उन्होंने कहा, "हमने इस विंग को आगे के विश्लेषण के लिए भुज स्थित वायुसेना स्टेशन भेज दिया है, ताकि ड्रोन के मॉडल और निर्माण के देश की पहचान की जा सके." वायुसेना की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की जांच की दिशा तय होगी.
तटीय सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यह बरामदगी उस तटीय सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा है, जिसे हाल ही में खराब मौसम और समुद्री परिस्थितियों के कारण तेज किया गया है. दरअसल, पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न हिस्सों में संदिग्ध नशीले पदार्थों के पैकेट बहकर आने की खबरें मिली थीं, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समुद्री और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश दिए थे.
दुर्गम इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी
SP सुंदर ने बताया कि सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों की निगरानी के लिए ऊंट, घोड़े और मोटरसाइकिल गश्त सहित कई तरीके अपनाए जा रहे हैं. दुर्गम इलाकों में भी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे फुट पेट्रोलिंग (पैदल गश्त) की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु पर तुरंत नजर रखी जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2026 07:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

