Sambhajinagar Shocker: शराब छुड़वाने के नाम पर लोगों को पिलाता था पेशाब, इलाज के नाम पर डंडे से मारता था, अंधश्रद्धा निर्मूलन संगठन ने खोली भोंदू बाबा की पोल; VIDEO
Credit-(X,@fpjindia)

छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर तहसील के शिऊर गांव में एक भोंदू बाबा का पर्दाफाश अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने किया है. मामला दर्ज होने के बाद बाबा फरार हो चूका है.इस स्वयंभू बाबा की घिनौनी और अमानवीय हरकतें सामने आई हैं. आरोपी संजय रघुनाथ पगार उर्फ़ बाबा फिलहाल फरार है.बताया जा रहा है कि यह तथाकथित बाबा शराब की लत छुड़ाने के नाम पर लोगों को अपना पेशाब पिलाता था. इतना ही नहीं, ‘भूत-प्रेत भगाने’ के नाम पर पीड़ितों के मुंह में अपने जूते डालता था.सिर्फ इतना ही नहीं, कुछ महिला भक्तों ने बाबा पर अनुचित तरीके से छूने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं. यह सब घटनाएं बाबा द्वारा मंदिर परिसर में चलाए जा रहे ‘दरबार’ में होती थीं.

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है. जिसमें बाबा लोगों के साथ धोखा कर रहा है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @fpjindia नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Pune Fake Baba Arrested: पुणे में फर्जी बाबा की गंदी करतूत! अनुयायियों को दूसरी महिलाओं से सेक्स करने के लिए उकसाता, फिर सीक्रेट ऐप से मोबाइल पर लाइव देखता VIDEO

भोंदू बाबा का वीडियो आया सामने

पुलिस में मामला दर्ज

शिऊर पुलिस स्टेशन में आरोपी बाबा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.पुलिस कांस्टेबल किशोर शांताराम आगले ने शिकायत दर्ज कराई है.शिकायत के अनुसार, बाबा ने एक व्यक्ति पर ‘भूत भगाने’ के नाम पर जूते सूंघाए और पीठ पर चढ़कर मारपीट की. एक वीडियो में देखा गया कि बाबा एक व्यक्ति को बुरी तरह डंडों से पीट रहा है.बाबा की क्रूरता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उसकी करतूतें साफ नजर आ रही हैं. अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के सदस्य ऋतेश संतोष होळकर और जगदीश सोजवाल ने एक स्टिंग ऑपरेशन करके इस पूरी सच्चाई को उजागर किया.

घोड़े की सप्लाई से लेकर बाबा बनने तक का सफर

स्थानीय लोगों के अनुसार, संजय पगार पहले शादी समारोहों में घोड़े किराए पर देता था, लेकिन आय कम होने के कारण उसने बाबा बनकर लोगों को गुमराह करना शुरू किया. वह हर रविवार और गुरुवार को दरबार लगाता था और लोगों की समस्याओं का 'इलाज' करता था.शिऊर गांव में स्थित विरोबा मंदिर में लोग दूर-दूर से आस्था लेकर आते हैं.इसी आस्था का गलत फायदा इस ढोंगी बाबा ने उठाया. अब लोगों की मांग है कि ऐसे फर्जी बाबाओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे.