VIDEO: इंसानियत हुई शर्मसार! सिक्योरिटी गार्ड के साथ मामूली विवाद में महिला और दिव्यांग बेटे को निकाला हॉस्पिटल से बाहर, रीवा का वीडियो आया सामने
Negligence of Rewa Hospital(Credit-@vishnukant_7)

Rewa News: सरकारी हॉस्पिटलों (Government Hospitals) से ऐसे कई वीडियो सामने आते है. जिसमें मरीजों के साथ और उनके परिजनों के साथ स्टाफ बेरुखी या फिर बदसलूकी करते हुए दिखाई देते है. अब मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है.जिसके सामने आने के बाद फिर स्टाफ पर सवाल उठे है.रीवा (Rewa)जिले में स्थित संजय गांधी हॉस्पिटल में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया. एक दिव्यांग बच्चे को सिर्फ इसलिए आईसीयू (ICU) से बाहर निकाल दिया गया क्योंकि उसकी मां का हॉस्पिटल के सिक्योरिटी गार्ड से मामूली विवाद हो गया था.

इस घटना ने हॉस्पिटल प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है. इस वीडियो (Video) को सोशल मीडिया X पर @vishnukant_7 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Jhansi Video: झांसी के सिविल हॉस्पिटल में दबंगों का आतंक, MR के साथ की जमकर मारपीट, पुलिस बनी रही मूकदर्शक, वीडियो आया सामने

मां और दिव्यांग बच्चे को निकाला बाहर

मां रोती रही, गिड़गिड़ाती रही

पीड़ित महिला ने बताया कि गार्ड से हुए झगड़े के बाद डॉक्टरों और नर्सों ने बच्चे का इलाज बंद कर दिया.वह बार-बार हॉस्पिटल (Hospital) स्टाफ से बच्चे की जान बचाने की गुहार लगाती रही. महिला ने कहा, 'मैंने हाथ जोड़कर रोया, पैरों पर गिरी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. वह अपने बीमार बेटे को गोद में लेकर आईसीयू (ICU) के बाहर घंटों बैठी रही, उम्मीद में कि शायद कोई उसकी मदद करेगा.

मीडिया के पहुंचने के बाद किया दोबारा एडमिट

जब तक मीडिया के प्रतिनिधि हॉस्पिटल नहीं पहुंचे, तब तक किसी ने बच्चे की सुध नहीं ली. मीडिया के आने और खबर फैलने के बाद हॉस्पिटल प्रशासन हरकत में आया और बच्चे को दोबारा आईसीयू (ICU) में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है.

हॉस्पिटल प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने मामले में जांच के आदेश जारी किए हैं.उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब हॉस्पिटल के स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों पर लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप लगे हों.