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Instagram Suicide Alert: इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर सुसाइड करने जा रहा था शख्स, मेटा ने यूपी पुलिस को भेज दिया अलर्ट; बच गई जान

आजकल सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि कई बार लोगों की जान बचाने का भी जरिया बन रहा है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम ने एक युवक की जान बचाई है.

Instagram Suicide Alert: इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर सुसाइड करने जा रहा था शख्स, मेटा ने यूपी पुलिस को भेज दिया अलर्ट; बच गई जान
(Photo Credits: Wikimedia Commons)

Instagram Suicide Alert: आजकल सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि कई बार लोगों की जान बचाने का भी जरिया बन रहा है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम ने एक युवक की जान बचाई है. दरअसल, यहां राजन नाम के एक शख्स ने बैंक लोन के दबाव और मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या करने की कोशिश की. उसने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाला, जिसमें लिखा, "भाइयों, मुझे माफ कर देना, मैं मरने जा रहा हूं." इस पोस्ट को देखकर इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने तुरंत यूपी पुलिस को अलर्ट भेज दिया.

कहानी तब और दिलचस्प हो गई, जब पुलिस ने महज 12 मिनट में राजन की लोकेशन ट्रेस कर ली और मौके पर पहुंचकर उसे फांसी से बचा लिया. अब राजन पूरी तरह से सुरक्षित है.

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इंस्टाग्राम ने बचा ली युवक की जान

इंस्टाग्राम ने 1024 लोगों की बचाई जान!

इस पूरे मामले में यूपी पुलिस की मुस्तैदी और सोशल मीडिया की सकारात्मक भूमिका ने सभी को हैरान कर दिया. दरअसल, मेटा के पास ऐसी तकनीक है जो आत्महत्या जैसे खतरनाक संकेतों को पहचान लेती है और तुरंत कार्रवाई करती है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 से जून 2025 तक मेटा और यूपी पुलिस की इस साझेदारी से पूरे राज्य में 1024 लोगों की जान बचाई जा चुकी है. ये आंकड़ा बताता है कि सोशल मीडिया सिर्फ वक्त बर्बाद करने का जरिया नहीं, बल्कि सही इस्तेमाल से जिंदगी भी बचा सकता है.

सुसाइड किसी भी समस्या का हल नहीं

हालांकि, ये भी सच है कि सोशल मीडिया से मानसिक तनाव भी बढ़ता है, लेकिन ऐसी घटनाएं उम्मीद जगाती हैं. राजन का मामला हमें ये सिखाता है कि अगर कोई परेशानी हो, तो आत्महत्या से पहले मदद मांगना बेहतर है. परिवार, दोस्तों या हेल्पलाइन से संपर्क करना एक साहसी कदम हो सकता है.

यूपी पुलिस की इस तेजी की तारीफ हो रही है, और लोग कह रहे हैं कि अगर हर जगह ऐसी तत्परता हो, तो कई जिंदगियां बच सकती हैं. तो दोस्तों, अगर आपको या किसी को परेशानी हो, तो चुप मत रहो, मदद मांगो—क्योंकि जिंदगी कीमती है!

आत्महत्या रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर:

टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय) – 14416 या 1800 891 4416; निमहंस – + 91 80 26995000 /5100 /5200 /5300 /5400; पीक माइंड – 080-456 87786; वंद्रेवाला फाउंडेशन – 9999 666 555; अर्पिता आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन – 080-23655557; आईकॉल – 022-25521111 और 9152987821; सीओओजे मेंटल हेल्थ फाउंडेशन (सीओओजे) – 0832-2252525।

आसरा (मुंबई) 022-27546669, स्नेहा (चेन्नई) 044-24640050, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, कूज (गोवा) 0832- 2252525, जीवन (जमशेदपुर) 065-76453841, प्रतीक्षा (कोच्चि) 048-42448830, मैत्री (कोच्चि) 0484-2540530, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2025 04:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).