बुलढाना, महाराष्ट्र: जहांपर एक पूरा देश स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मना रहा था, तो वही दूसरी और महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक गांव में मुआवजे की मांग को लेकर एक किसान ने जलसमाधी ली.आंदोलन कर रहे किसान ने अधिकारियों के सामने उफनती नदी में छलांग लगा दी और सभी देखते रह गए. प्रशासन की टीम ने लापता किसान की तलाश शुरू कर दी, लेकिन अब तक किसान का पता नहीं चल पाया है. इन किसान का नाम विनोद पवार है और वे जलगांव जामोद के गौलखेड़ गांव के रहनेवाले है. उन्होंने पूर्णा नदी में कूदकर आत्महत्या की. इस घटना का वीडियो सामने आया है, जो काफी भयावह है.
इस वीडियो को सोशल मीडिया के फेसबुक पर 'इच्चूकाटा' नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Maharashtra Farmers Suicide: महाराष्ट्र में सुसाइड को लेकर सरकार की चौकाने वाली रिपोर्ट, अमरावती समेत इन जिलों में पिछले 6 महीने में 557 किसानों ने की आत्महत्या
किसान ने ली जलसमाधि
क्या है पूरा मामला?
किसान विनोद पवार जिगाव प्रकल्प से प्रभावित थे.उनकी जमीन डूब क्षेत्र में चली गई थी, लेकिन कई वर्षों से मुआवजे की मांग के बावजूद उन्हें अब तक कोई मदद नहीं मिली. किसानों का आरोप है कि प्रशासन लगातार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहा है.स्वतंत्रता दिवस की सुबह किसानों ने आढल गांव के पास पूर्णा नदी किनारे आंदोलन किया. आंदोलन के दौरान अचानक विनोद पवार ने नदी में छलांग लगा दी. देखते ही देखते वह पानी में डूब गए और लापता हो गए.
प्रशासन और एनडीआरएफ की कोशिशें
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. मौके पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम पहुंची और खोजबीन शुरू की.लेकिन किसान का शव बरामद नहीं हो सका था.स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही ने किसान को यह चरम कदम उठाने पर मजबूर किया. स्वतंत्रता दिवस जैसे दिन पर हुई यह दुखद घटना जिले में गहरे आक्रोश और सवालों को जन्म दे रही है.












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