Sathyendra Dies: तमिल अभिनेता और यूट्यूबर सत्येंद्र का 65 साल की उम्र में चेन्नई के एक सरकारी अस्प्ताल में निधन, पार्थिव शरीर अब तक कोई लेने नही आया
Sathyendra Dies

Sathyendra Dies: दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग और यूट्यूब कम्युनिटी के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. तमिल, तेलुगु और कन्नड़ सहित कई भाषाओं के सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता और प्रसिद्ध यूट्यूब फिल्म समीक्षक एस. सत्येन्द्र (65) का चेन्नई के रोयापेट्टा सरकारी अस्पताल में निधन हो गया है. वे पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे थे. अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. दुखद पहलू यह है कि निधन के बाद से उनका पार्थिव शरीर अस्पताल के शवगृह (मॉर्ट्युरी) में रखा हुआ है, क्योंकि प्रशासन को अब तक उनके किसी जीवित पारिवारिक सदस्य या रिश्तेदार का पता नहीं चल सका है.

कलात्मक बहुमुखी प्रतिभा से भरी रही यात्रा

मूल रूप से आंध्र प्रदेश में जन्मे और कर्नाटक में पले-बढ़े सत्येन्द्र का कलात्मक सफर बेहद समृद्ध रहा. उन्होंने रंगमंच (थियेटर) से अपने करियर की शुरुआत की थी और महान रंगकर्मी बी. वी. कारंत व गिरीश कर्नाड के साथ काम किया था. उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कन्नड़ फिल्म 'ग्रहण' (1978) से बड़े पर्दे पर कदम रखा. अपने पूरे जीवनकाल में उन्होंने 60 से अधिक फीचर फिल्मों और 150 से अधिक शॉर्ट फिल्मों में काम किया. तमिल सिनेमा में उन्हें 'एझावथु मनिथन', 'मन्न वासनै', 'सथ्या' और 'कदमई कन्नियम कट्टुपाडु' जैसी लोकप्रिय फिल्मों में उनके किरदारों के लिए जाना जाता है.  यह भी पढ़े:  Human Sagar Death: फेमस सिंगर ह्यूमन सागर नहीं रहे, 34 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, ये है मौत की वजह

डिजिटल माध्यम पर बनाई खास पहचान

सत्येन्द्र केवल अभिनय तक ही सीमित नहीं थे. उन्होंने एक निर्देशक, निर्माता, अनुवादक और फिल्म समीक्षक के रूप में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया. हाल के वर्षों में वे युवाओं के बीच यूट्यूब पर अपने बेबाक और अनूठे फिल्म रिव्यूज के लिए बेहद लोकप्रिय हो गए थे. सिनेमाई समझ और बारीकियों के कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके वीडियो काफी पसंद किए जाते थे. उन्होंने दुनिया भर के सिनेमा और फिल्म निर्माण की तकनीकों पर हमेशा खुलकर बात की.

उच्च शिक्षित और असाधारण व्यक्तित्व

फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच सत्येन्द्र एक बेहद उच्च शिक्षित व्यक्ति थे. उन्होंने कन्नड़ साहित्य और दर्शनशास्त्र (फिलासफी) में पोस्ट ग्रेजुएशन (एमए) किया था. इसके साथ ही उन्होंने नाटक (ड्रामा) में बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री ली थी और उनके पास फ्रेंच व जर्मन भाषाओं में डिप्लोमा भी था. उन्हें इतालवी और स्पेनिश भाषाओं का भी अच्छा ज्ञान था. उनका यह अकादमिक बैकग्राउंड उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक अद्वितीय और सम्मानित स्थान दिलाता था.

परिवार की तलाश में जुटी फिल्म इंडस्ट्री

सत्येन्द्र के अकेलेपन और इस दुखद निधन की खबर मिलते ही दक्षिण भारतीय फिल्म जगत के कई सदस्य पुलिस की मदद के लिए आगे आए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता विशाल ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया है ताकि सत्येन्द्र के परिवार या रिश्तेदारों का पता लगाया जा सके. दक्षिण भारतीय कलाकार संघ (नादिगर संगम) भी इस मामले में लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है, ताकि इस वरिष्ठ कलाकार का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा सके. फिलहाल पुलिस उनके रिश्तेदारों की पहचान करने के लिए जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है.