479 कलाकारों ने भरा गणतंत्र दिवस परेड में रंग, अधिकांश झांकियों का शीर्षक 'नारी शक्ति'
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आई विभिन्न झांकियों में से अधिकांश का शीर्षक इस वर्ष 'नारी शक्ति' रहा. वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए 479 कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर गणतंत्र दिवस परेड में रंग भर दिया.
नई दिल्ली, 26 जनवरी : दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आई विभिन्न झांकियों में से अधिकांश का शीर्षक इस वर्ष 'नारी शक्ति' रहा. वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए 479 कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर गणतंत्र दिवस परेड में रंग भर दिया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का विषय 326 महिला नर्तकियों द्वारा प्रस्तुत 'नारी शक्ति' रहा, जो 17 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के 153 पुरुष नर्तकों द्वारा समर्थित था. वे पांच तत्वों पृथ्वी, जल, वायु, अंतरिक्ष और अग्नि के माध्यम से 'नारी की शक्ति' का चित्रण करते हुए शास्त्रीय,
लोक और समकालीन संलयन नृत्य प्रस्तुत करते दिखे. यह दूसरी बार है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के नर्तकों का चयन राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया है. देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक प्रगति और मजबूत आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को दर्शाती तेईस झांकियां - राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 17 और विभिन्न मंत्रालयों से छह झांकियां भी कर्तव्य पथ पर आई. आंध्र प्रदेश ने अपनी झांकी में प्रभाला तीर्थम - मकर संक्रांति के दौरान किसानों के त्योहार को दर्शाया. असम ने अपनी झांकी में नायकों और अध्यात्मवाद की भूमि को कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित किया. लद्दाख झांकी वहां के पर्यटन और समग्र संस्कृति पर आधारित रही. उत्तराखंड की झांकी में अल्मोड़ा के निकट स्थित जागेश्वर धाम के मंदिर गढ़वाल कुमाऊं व मानसखंड को दिखाया गया. यह भी पढ़ें : Republic Day 2023: 74वें गणतंत्र दिवस पर भारत ने की ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों में तोड़फोड़ की निंदा
त्रिपुरा की झांकी में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ त्रिपुरा में पर्यटन और जैविक खेती के माध्यम से सतत आजीविका को दिखाया गया. गुजरात की झांकी भी बेहद खूबसूरत थी, झांकी का मुख गुजरात की पारंपरिक वेशभूषा वाली एक महिला से सुसज्जित था. इसके साथ ही इसमें गुजरात की स्वच्छ हरित ऊर्जा व कुशल गुजरात को दिखाने का प्रयास किया गया.
झारखंड की झांकी का मुख्य आकर्षण बाबा बैद्यनाथ धाम की झलक रही. वहीं अरुणाचल प्रदेश की बात करें तो कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित हुई अरुणाचल प्रदेश की झांकी में यहां पर्यटन की संभावनाएं दर्शाई गई. जम्मू-कश्मीर की झांकी की मुख्य थीम 'नया जम्मू कश्मीर' रही. केरल राज्य की झांकी का मुख्य शीर्षक नारी शक्ति था. पश्चिम बंगाल की झांकी की बात करें तो यहां कोलकाता में दुर्गा पूजा व यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का वर्णन झांकी में दिखाया गया.
महाराष्ट्र की झांकी साढ़े तीन शक्तिपीठ और नारी शक्ति पर आधारित रही. तमिलनाडु की झांकी में भी महिला सशक्तीकरण की झलक दिखाई दी, इसके साथ ही इसमें तमिलनाडु की संस्कृति को भी दिखाया गया है. कर्नाटक की झांकी भी नारी शक्ति महोत्सव को दर्शाने वाली रही. हरियाणा की झांकी में कुरुक्षेत्र और वहां दिए गए गीता के ज्ञान 'अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव' को दर्शाया गया. दादरा नगर हवेली और दमन तथा दीव की झांकियों में जनजातीय संस्कृति और विरासत का संरक्षण देखने को मिला. उत्तर प्रदेश की झांकी में दीपोत्सव और एक साथ लाखों दिए जलाने का रिकॉर्ड प्रदर्शित किया गया. यह झांकी अयोध्या दीपोत्सव पर आधारित थी.
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की झांकी में अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 और इस पर भारत की पहल को दिखाया गया. यह झांकी बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाजों के महत्व को दर्शाती है. जनजातीय कार्य मंत्रालय की झांकी में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) को दिखाया गया. वहीं गृह मंत्रालय की झांकी में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 'संकल्प 75 - नशा मुक्त भारत' को दिखाया है. गृह मंत्रालय की ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की झांकी में नारी शक्ति को दिखाया गया है. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने अपनी झांकी में जैव विविधता संरक्षण को समझाने का प्रयास किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 26, 2023 01:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

