सैमसंग भारत में बुधवार को अपना प्रीमियम गैलेक्सी ए 71 स्मार्टफोन लगभग 30,000 रुपये में लांच करेगा, जो सिर्फ प्रीमियम डिवाइस है. जो 4,500 मेह की बैटरी से लैस गैलेक्सी ए 71, 8जीबी रैम और 128जीबी इंटरनल स्टोरेज के साथ लांच होगा. (Input IANS)

मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर शहर के बरगी इलाके में मंगलवार यानि आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. जी हां बरगी इलाके स्थित सेंट्रल बैंक में आज एक मनबढ़ नवयुवक तमंचा लहराते हुए घुस गया और बैंक में लुट करने की कोशिश की, लेकिन बैंक में उपस्थित कैशियर के सुझबुझ से यह बड़ा हादसा टल गया.

राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र न्यास के न्यासी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा है कि राम जन्मभूमि न्यास भंग कर दिया जाना चाहिए. मंदिर निर्माण ट्रस्ट बन जाने के बाद इसकी कोई जरूरत नहीं है. दिल्ली में मंगलवार को मीडिया से बातचीत में वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा, "अब सरकार द्वारा ट्रस्ट बनाए जाने के बाद राम जन्मभूमि न्यास की कोई आवश्यकता नहीं है. ट्रस्ट बन जाने के बाद राम मंदिर न्यास ने जितना काम किया है, वो सब ट्रस्ट को सौंप दिया जाना चाहिए."

कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों से संवाद नहीं करने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है. कांग्रेस की ततरफ से कहा गया कि "देश भर की हजारों महिलाएं असंवैधानिक सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं. लेकिन घमंडी भाजपा सरकार ने एक बार भी इन आवाजों पर ध्यान नहीं दिया है. (Input IANS)

सुनील कुमार ने रचा इतिहास, एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में 27 साल बाद जीता गोल्ड मेडल

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद नागपुर में एक रैली करने को लेकर पुलिस द्वारा इजाजत नहीं मिलने पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में एक याचिका दायर की गई थी. जिस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार के साथ ही नागपुर कमिश्नर को नोटिस जारी किया है.

छत्तीसगढ़: सुकमा में सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक जवान शहीद

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी एक बार फिर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. बता दें कि कई महीनों से चल रहे विवादों के बाद मंगलवार को अशरफ गनी को दोबारा अफगानिस्‍तान का राष्‍ट्रपति घोषित किया गया.

आपराधिक मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई की जांच का सामना कर रहे कार्ति चिदंबरम को दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ब्रिटेन व फ्रांस की दो सप्ताह की यात्रा पर जाने की अनुमति दे दी है.

जामिया हिंसा मामले में जांच के लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंची हुए है.

Load More

भुज: गुजरात (Gujarat) में कच्छ जिले (Kutch) में एक कॉलेज के प्रिंसिपल (Principle) समेत चार लोगों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया, जिन पर आरोप है कि एक सप्ताह पहले उन्होंने कथित तौर पर 60 से ज्यादा छात्राओं को यह देखने के लिए अपने अंत:वस्त्र उतारने पर मजबूर किया कि कहीं उन्हें माहवारी तो नहीं हो रही है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टिट्यूट (एसएसजीआई) (Shri Sahjananda Girls institute) के न्यासी प्रवीण पिंडोरिया ने सोमवार को कहा कि प्रधानाचार्य रीता रानींगा, महिला छात्रावास की रेक्टर रमीलाबेन हीरानी और कॉलेज की चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी नैना गोरासिया को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शनिवार को निलंबित कर दिया गया.

भुज पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में इन तीनों के अलावा अनीता चौहान नाम की एक महिला को भी आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है. वह कॉलेज से संबद्ध नहीं है. अधिकारी ने बताया कि उक्त चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 355 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है. एसएसजीआई स्व-वित्तपोषित कॉलेज है जिसका अपना महिला छात्रावास है.

आज के सभी मुख्य समाचार और ब्रेकिंग न्यूज पढ़ने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें.

यह संस्थान भुज के स्वामीनारायण मंदिर के एक न्यास द्वारा चलाया जाता है। कॉलेज क्रांतिगुरु श्यामजी कृष्ण वर्मा कच्छ विश्वविद्यालय से संबद्ध है. इस मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग के सात सदस्यों के एक दल ने रविवार को छात्रावास में रहने वाली उन छात्राओं से मुलाकात की जिन्हें कथित रूप से यह पता लगाने के लिए अंत:वस्त्र उतारने पर मजबूर किया गया था कि कहीं उन्हें माहवारी तो नहीं आ रही. इससे पहले एक छात्रा ने मीडियाकर्मियों को बताया था कि यह घटना 11 फरवरी को एसएसजीआई परिसर में स्थित हॉस्टल में हुई थी.

उसने आरोप लगाया कि करीब 60 छात्राओं को महिला कर्मचारी शौचालय ले गईं और वहां यह जांच करने के लिए उनके अंत:वस्त्र उतरवाए गए कि कहीं उन्हें माहवारी तो नहीं हो रही. जांच के बाद विश्वविद्यालय की प्रभारी कुलपति दर्शना ढोलकिया ने कहा था कि लड़कियों की जांच की गई क्योंकि छात्रावास में माहवारी के दौरान लड़कियों के अन्य रहवासियों के साथ खाना न खाने का नियम है. छात्रावास की कर्मचारियों ने जांच करने का फैसला तब किया जब उन्हें पता चला कि कुछ लड़कियों ने नियम तोड़ा है.