Lenskart IPO GMP: तीसरे दिन तक 5.65 गुना सब्सक्राइब, जानें ताजा GMP और पूरी डिटेल
Lenskart IPO GMP today

Lenskart IPO News: भारत की जानी-मानी आईवियर कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड (Lenskart Solutions Ltd) का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) इस समय शेयर बाजार में सुर्खियों में है. निवेशकों की ओर से इसे शुरू से ही बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है. अब तक इसे  5.65 गुना बोलियां प्राप्त हुई है, जो लगातार बढ़ रही हैं. वहीं, तीन नवंबर यानी सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन तक लेंसकार्ट आईपीओ दोगुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था. कंपनी का यह आईपीओ 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 तक निवेश के लिए खुला है. निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए माना जा रहा है, कि सब्सक्रिप्शन की अंतिम तारीख तक यह आईपीओ और अधिक ओवरसब्सक्राइब हो सकता है.

लेंसकार्ट आईपीओ प्राइस बैंड और जीएमपी

लेंसकार्ट ने अपने शेयरों की प्राइस बैंड 382 रुपये से 402 रुपये प्रति शेयर तय की है. इस दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का कुल मूल्यांकन करीब 69,700 करोड़ रुपये तक पहुंचता है. इसका मतलब है, कि अगर शेयर सबसे ऊंचे दाम पर बिके तो लेंसकार्ट की बाजार में कीमत लगभग 69,700 करोड़ रुपये तक आंकी जाएगी. फिलहाल, लेंसकार्ट आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 59 रुपये पर बना हुआ है, जो निवेशकों के बीच कंपनी के प्रति मजबूत भरोसा और सकारात्मक रुझान को दर्शाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रीमियम इस बात का संकेत देता है कि लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत इश्यू प्राइस से ज्यादा पर खुलने की संभावना है.

लेंसकार्ट आईपीओ शेयर अलॉटमेंट डिटेल्स

लेंसकार्ट आईपीओ में शेयरों का वितरण निवेशकों की श्रेणियों के अनुसार तय किया गया है. कंपनी ने अपने कुल शेयरों में से 75% हिस्सेदारी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए आरक्षित की है, जबकि 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) को आवंटित किया जाएगा. इसके अलावा, 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रखे गए हैं, ताकि छोटे निवेशक भी इस ऑफर में भाग ले सकें. साथ ही, पात्र कर्मचारियों के लिए 19 रुपये प्रति शेयर का विशेष डिस्काउंट दिया गया है, जिससे वे रियायती दर पर कंपनी के शेयर खरीद सकें.

लेंसकार्ट आईपीओ अलॉटमेंट और लिस्टिंग शेड्यूल

लेंसकार्ट आईपीओ की अलॉटमेंट और लिस्टिंग प्रक्रिया का पूरा टाइमटेबल तय कर दिया गया है. कंपनी का बेसिस ऑफ अलॉटमेंट 6 नवंबर 2025 (गुरुवार) को फाइनल किया जाएगा. इसके बाद रिफंड प्रक्रिया 7 नवंबर (शुक्रवार) से शुरू होगी, और उसी दिन सफल आवंटियों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे. लेंसकार्ट के शेयरों की आधिकारिक लिस्टिंग 10 नवंबर 2025 (सोमवार) को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) दोनों एक्सचेंजों पर होगी, जिसका निवेशकों को बेसब्री से इंतजार है.

लेंसकार्ट आईपीओ ग्रे मार्केट प्रीमियम अपडेट

रिपोर्ट के मुताबिक, आज के ट्रेडिंग सेशन में लेंसकार्ट आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम 59 रुपये पर दर्ज किया गया है. अगर इसे प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर 402 रुपये में जोड़ा जाए, तो शेयर का अनुमानित लिस्टिंग प्राइस लगभग 461 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच सकता है. यानी, लिस्टिंग के दिन निवेशकों को करीब 14.68% का प्रीमियम मिलने की संभावना है.

हालांकि, पिछले 9 ट्रेडिंग सत्रों में लेंसकार्ट आईपीओ का जीएमपी 48 रुपये से 108 रुपये के बीच उतार-चढ़ाव करता रहा है, जो दर्शाता है कि ग्रे मार्केट में फिलहाल हल्की स्थिरता और निवेशकों की सतर्क रुचि बनी हुई है.

लेंसकार्ट आईपीओ सब्सक्रिप्शन स्टेटस

लेंसकार्ट आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है. पहले दिन (31 अक्टूबर) को यह 1.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जबकि दूसरे दिन (3 नवंबर) तक यह बढ़कर 2.02 गुना हो गया. वहीं, तीसरे दिन (4 नवंबर) यानी सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन तक आईपीओ को 3.49 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन मिला.

कंपनी को कुल 34.86 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 9.97 करोड़ शेयर ही ऑफर पर थे. श्रेणीवार सब्सक्रिप्शन की बात करें तो -

  • रिटेल निवेशक हिस्सा: 49 गुना सब्सक्राइब
  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): 5.73 गुना सब्सक्राइब
  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs): 1.99 गुना सब्सक्राइब
  • कर्मचारी हिस्सा: 45 गुना सब्सक्राइब

इन आंकड़ों से साफ है, कि लेंसकार्ट आईपीओ को हर श्रेणी के निवेशकों से बेहतरीन रिस्पॉन्स और मजबूत भरोसा मिला है. विशेषज्ञों का मानना है, कि लेंसकार्ट आईपीओ लंबे समय के निवेश के लिए एक मजबूत अवसर हो सकता है. कंपनी की तकनीकी बढ़त, तेजी से बढ़ता रिटेल नेटवर्क और स्थिर मुनाफे की ग्रोथ इसे आकर्षक बनाते हैं.

हालांकि लेंसकार्ट आईपीओ की वैल्यूएशन यानी शेयर की कीमत कुछ ज़्यादा तय की गई है, लेकिन कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है और इसके विस्तार की संभावनाएँ भी अच्छी दिख रही हैं. कुल मिलाकर, जानकारों के अनुसार, यह आईपीओ लंबे समय के निवेशकों के लिए एक सकारात्मक और भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है.