“पंचगव्य” मानवजाति के लिए उपहार से कम नहीं, कई बीमारियों से करता है रक्षा, फायदे अनगिनत
“पंचगव्य” शब्द का जिक्र आते ही सबसे पहला ख्याल गौमूत्र, गोबर, दूध, दही, और घी का आता है. आयुर्वेद में इन पांचों के मिश्रण को ही “पंचगव्य” कहा गया है. आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है.