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कोरोना वायरस का नया चिंताजनक स्वरूप सामने आने के बीच डब्ल्यूटीओ ने प्रमुख बैठक टाली

जिनेवा स्थित डब्ल्यूटीओ मुख्यालय में होने वाले एमसी12 सम्मेलन में मत्स्य पालन के लिए सब्सिडी पर एक लंबे समय से प्रतीक्षित समझौता और कोविड-19 टीकों से जुड़े पेटेंट और अन्य बौद्धिक संपदा संरक्षण नियमों में छूट देने के प्रयास जैसे प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होनी थी.

कोरोना वायरस का नया चिंताजनक स्वरूप सामने आने के बीच डब्ल्यूटीओ ने प्रमुख बैठक टाली
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: PTI)

जिनेवा स्थित डब्ल्यूटीओ मुख्यालय में होने वाले एमसी12 सम्मेलन में मत्स्य पालन के लिए सब्सिडी पर एक लंबे समय से प्रतीक्षित समझौता और कोविड-19 टीकों से जुड़े पेटेंट और अन्य बौद्धिक संपदा संरक्षण नियमों में छूट देने के प्रयास जैसे प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होनी थी. मत्स्य पालन के लिए सब्सिडी संबंधी समझौते को दुनिया भर के समुद्रों में ज्यादा मछलियां पकड़ने से रोकने के एक प्रमुख तरीके के रूप में देखा जा रहा है,

अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर शुक्रवार को बताया कि डब्ल्यूटीओ के 164 सदस्य राष्ट्रों के राजदूत नये स्विस यात्रा प्रतिबंधों के बाद चार दिवसीय सम्मेलन को टालने पर सहमत हो गए हैं क्योंकि इन प्रतिबंधों के कारण सभी प्रतिभागी भौतिक रूप से सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाते और ऑनलाइन बैठक को अच्छा विकल्प नहीं माना जा रहा है. यह भी पढ़ें : Delhi Air Quality: दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

स्विस स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दक्षिणी अफ्रीका से सभी सीधी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और बेल्जियम, हांगकांग और इजराइल जैसे अन्य स्थानों से आने वाले सभी लोगों को आगमन पर कोविड-19 की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी और 10 दिन के लिए पृथक-वास में रहना होगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाए गए चिंताजनक नए स्वरूप को अत्यधिक संक्रामक स्वरूप के तौर पर वर्गीकृत किया है और इसे ओमिक्रोन स्वरूप नाम दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 27, 2021 11:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).