विदेश की खबरें | संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी प्रमुख ईरान जा रहे हैं, ज्यादा पहुंच का दबाव बनाएंगे

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रोसी द्वारा पिछले वर्ष दिसम्बर में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली ईरान यात्रा होगी। साथ ही परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पर काफी अधिक अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उनकी यह यात्रा हो रही है।

उनकी यात्रा में मुख्य ध्यान उन स्थलों तक पहुंच की मांग करना होगा जहां उसने वर्ष 2000 के शुरुआती दिनों से पहुंच नहीं दी है। ईरान ने 2015 में विश्व शक्तियों के साथ परमाणु समझौता किया था। ईरान का कहना है कि आईएईए के निरीक्षकों को स्थलों के निरीक्षण का कोई कानूनी आधार नहीं है।

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ग्रोसी ने बयान जारी कर कहा, ‘‘मेरा उद्देश्य है कि तेहरान में मेरी बैठकों से लंबित सवालों के समाधान में ठोस प्रगति हो सके, ताकि ईरान में पहुंच के मुद्दे का समाधान किया जा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि ईरान की सरकार के साथ सार्थक एवं सहयोगी चैनल बनेगा ताकि सीधी वार्ता हो सके जो अब भी और भविष्य में भी मूल्यवान रहे।’’

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वियना में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने ट्वीट किया, ‘‘हमें उम्मीद है कि इस दौरान परस्पर सहयोग और मजबूत होगा।’’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 2018 में ईरान के साथ परमाणु समझौते से एकतरफा अलग हो गए थे। इसके बाद से फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस और चीन इस समझौते को बरकरार रखने के लिए संघर्षरत हैं।

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