नयी दिल्ली, 29 जुलाई रिलायंस न्यू एनर्जी समेत तीन चयनित बोलीदाताओं ने उन्नत रसायन सेल बैटरी भंडारण के लिए 18,100 करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलए) योजना के तहत समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएलआई कार्यक्रम के तहत आवंटित क्षमताओं के अतिरिक्त निजी क्षेत्र से 95 हजार मेगावॉट घंटा बैटरी विनिर्माण क्षमता सृजित करने की उम्मीद की जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार, रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड और राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड ने पीएलआई योजना के तहत 28 जुलाई को समझौतों पर हस्ताक्षर किये।
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय ने कहा कि यह भारत के विनिर्माण उद्योग में एक नए अध्याय की शुरुआत है। हमने बैटरी विनिर्माण के लिए एक दृष्टिकोण तय किया है और इस उभरते क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
सरकार को उन्नत रसायन सेल बैटरी भंडारण के लिए पीएलआई योजना के तहत 1,28,000 मेगावॉट घंटा की विनिर्माण क्षमता वाली कंपनियों से कुल 10 बोलियां प्राप्त हुईं थी।
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