इस कदम से अमेरिका में राजनयिक कर्मियों के बीच भूचाल आ गया. इससे न केवल उनका करियर अचानक खत्म हो गया बल्कि अमेरिका को सुरक्षित और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों पर भी विराम लग गया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए वीजा धोखाधड़ी से निपटने और चीन से मुकाबला करने जैसी कुछ प्राथमिकताएं तय की हैं, जिसके अनुरूप विदेश मंत्री मार्को रुबियो की नाटकीय पुनर्गठन योजना के तहत शुक्रवार को कई पद और विभाग खत्म कर दिए गए. ट्रंप प्रशासन ने बड़े पैमाने पर छंटनी का बचाव करते हुए कहा है कि मंत्रालय को अधिक कुशल एवं दक्ष बनाने के लिए ऐसा करना आवश्यक था. नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों में 100 से अधिक कर्मचारी वाणिज्य दूतावास मामलों के ब्यूरो में काम करते थे. यह ब्यूरो पासपोर्ट और वीजा शुल्क के जरिये अपना खर्च खुद उठाता है. वर्तमान और पूर्व विदेश सेवा अधिकारियों द्वारा संकलित और इस सप्ताह संसद को भेजी गई सूची के अनुसार निकाले गए कर्मचारियों में पासपोर्ट धोखाधड़ी की जांच करने वाली टीम के आधे सदस्य और अमेरिका व विदेश में पासपोर्ट आवेदनों के प्रसंस्करण करने वाले 23 लोग शामिल हैं.
बर्खास्त किये गए अन्य लोगों में रूस और पूर्वी यूरोप में वीजा धोखाधड़ी व धन शोधन और मैक्सिको व मध्य अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों तथा प्रवासी श्रमिक वीजा धोखाधड़ी से निपटने के लिए जिम्मेदार विशेषज्ञ शामिल थे. सूची के अनुसार, पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों के ब्यूरो में विभिन्न विषयों पर काम करने वाली एक छोटी टीम को भी उस समय निकाल दिया गया जब रुबियो कुआलालंपुर से वाशिंगटन वापस लौट रहे थे. इस टीम ने ही पिछले सप्ताह रुबियो की मलेशिया यात्रा की व्यवस्था की थी. कुछ कर्मचारियों ने बताया कि आव्रजन संबंधी काम करने वाले उनके छोटे से कार्यालय को बंद कर दिया गया. नौकरी से निकाले गए, 30 से अधिक वर्ष का अनुभव रखने वाले एक कर्मचारी ने कहा, "यह सब अचानक हुआ. अब वह काम करने वाला कोई नहीं बचा है जो हम कर रहे थे." यह भी पढ़ें : Unified Tariff Rate: अमेरिका 150 से ज्यादा देशों पर एक समान टैरिफ दर लागू करेगा; डोनाल्ड ट्रंप
पिछले सप्ताह बर्खास्त किये गये खुफिया विभाग के एक सिविल सेवा अधिकारी ने कहा, "अमेरिकी लोगों को मंत्रालय द्वारा किये गए कार्यों के बारे में सभी तथ्य नहीं मिल रहे हैं." पूर्व अधिकारी ने कहा कि खुफिया गतिविधियों पर काम कर रही उनकी टीम को अब ऐसे कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिसके पास संवेदनशील जानकारी को संभालने और आवश्यक समन्वय करने की क्षमता नहीं है. विदेश सेवा में 26 साल बिताने के बाद बर्खास्त किए गए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनका कार्यालय विदेश में अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व बनाए रखने के लिए काम कर रहा है. रुबियो ने इस साल की शुरुआत में विदेश मंत्री के पद पर अपनी नियुक्ति के संबंध में संसद में पेशी के दौरान कहा था कि ऊर्जा "हमारी विदेश नीति का केंद्रबिंदु" होगी. अधिकारी ने कहा, "यह तथ्य है कि उन्होंने उन सभी ऊर्जा विशेषज्ञों को हटा दिया है जो विदेश में तेल और गैस की बिक्री को बढ़ावा देते थे.” दो कर्मचारियों ने बताया कि रूस और यूक्रेन के मुद्दों में विशेषज्ञता रखने वाले कम से कम सात खुफिया विश्लेषकों तथा धाराप्रवाह चीनी बोलने वाले पांच कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाल दिया गया.












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