देश की खबरें | अदालत ने विशेषज्ञों के पैनल से पूछा, क्या छूने से कोरोना वायरस संक्रमण फैल सकता है?
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मुंबई, चार जून बंबई उच्च न्यायालय ने हवाई यात्रा के संबंध में जन स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने के लिए नागर विमानन मंत्रालय द्वारा गठित विशेषज्ञों की एक समिति से बृहस्पतिवार को पूछा कि क्या कोरोना वायरस का संक्रमण छूने पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है ?

न्यायमूर्ति एस.जे. काथावाला और न्यायमूर्ति एस.पी. तावड़े की खंडपीठ एअर इंडिया के पायलट देवेन कनानी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कनानी ने अर्जी में दावा किया है कि विदेश में फंसे हुए लोगों को भारत वापस लाने के दौरान एअर इंडिया बीच वाली सीट खाली नहीं छोड़ रही है।

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नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के वकीलों ने अदालत को 26 मई, 2020 को नागर विमानन सचिव की अध्यक्षता में हुई विशेषज्ञों की समिति की बैठक की चर्चा से अवगत कराया।

बैठक में हुई चर्चा के अनुसार, दो लोगों के बीच शारीरिक दूरी अनजाने में शरीर छू जाने से होने वाले संक्रमण के खतरे को कम करती है और यदि आसपास बैठे लोगों को सुरक्षा सूट मुहैया करा दिया जाए तो इससे छूने और सांस लेने पर निकलने वाली बूंदों से होने वाले संक्रमण से बचाव हो सकता है।

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पीठ ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय करते हुए कहा, ‘‘हम विशेषज्ञ समिति से स्पष्टीकरण चाहते हैं कि क्या कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति को छूने मात्र से दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है?’’

बृहस्पतिवार को अन्य विमानन कंपनियों जैसे--- स्पाइसजेट, गोएयर और इंडिगो ने भी मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए अपना पक्ष सुनने की भी मांग की।

अदालत ने कहा कि वह शुक्रवार को सभी का पक्ष सुनेगी।

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