महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने समय समय पर कदम उठाए हैं: निर्मला सीतारमण
सरकार ने मंगलवार को कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए उसने पेट्रोलियम और डीजल पर समय समय पर सीमा शुल्क घटाया है लेकिन अगर राज्य सरकारें करों में कटौती के कदम नहीं उठाती हैं तो निश्चित रूप से आम लोगों को मुश्किल होगी.
नयी दिल्ली, 6 फरवरी : सरकार ने मंगलवार को कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए उसने पेट्रोलियम और डीजल पर समय समय पर सीमा शुल्क घटाया है लेकिन अगर राज्य सरकारें करों में कटौती के कदम नहीं उठाती हैं तो निश्चित रूप से आम लोगों को मुश्किल होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर क्रमश: पांच और दस रुपये सीमा शुल्क नवंबर 2021 में घटाया और मई 2022 में क्रमश: आठ और छह रुपये का सीमा शुल्क घटाया. उन्होंने कहा कि इसी तरह रसोई गैस पर सरकार 14 किग्रा के सिलेंडर पर 300 रुपये की राज सहायता दे रही है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं कि महंगाई पर लगाम लगे और आम आदमी को राहत मिले. ‘‘लेकिन अगर राज्य सरकारें इस तरह से वह दाम नहीं घटातीं जो वह घटा सकती हैं, तो निश्चित रूप से आम लोगों के लिए मुश्किल होगी.’’
अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै ने उनसे पूछा था कि तमिलनाडु सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पेट्रोल डीजल पर सीमा शुल्क घटाने का वादा किया था लेकिन अब तक इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किया गया है. इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और राज्य सरकारों को परामर्श भी दिया गया है. उन्होंने एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि देश में दालों का उत्पादन अधिक नहीं होता, इन्हें आयात किया जाता है अत: इनकी कीमत में वृद्धि होती है. उन्होंने बताया कि तुअर दाल का मुख्यत: मोजांबिक, म्यांमा, तंजानिया, सूडान, मलावी, नाइजीरिया और केन्या से आयात किया जाता है. यह भी पढ़ें : कांग्रेस ने जातिगत जनगणना की मांग राज्यसभा में उठायी: कहा, योजनाएं बनाने में मिलेगी मदद
उन्होंने बताया कि 2023 में 8.79 लाख मीट्रिक टन तुअर दाल का तथा 15.14 लाख मीट्रिक टन मसूर दाल का आयात किया गया. उन्होंने बताया कि तीन फरवरी 2024 तक 3.96 लाख मीट्रिक टन प्याज बाजार में 25 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री के लिए भेजा गया. इसके निर्यात पर भी रोक लगाई गई ताकि देश में यह उत्पाद उपलब्ध रहे. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिले. सीतारमण ने कहा कि सरकार ‘‘भारत ब्रांड’’ के तहत किफायती दरों में दाल उपलब्ध करा रही है. इस ब्रांड के तहत 2.97 लाख मीट्रिक टन चना 60 रुपये प्रति किलो की दर से 31 जनवरी 2024 तक बेचा जा चुका है. इस ब्रांड के तहत दालें किफायती दामों में ओएनडीसी, ब्लिंकिट, जियोमार्ट आदि पर उपलब्ध हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 06, 2024 03:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

