नयी दिल्ली, सात सितंबर स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) के कमांडो न्यिमा तेनजिन का लेह में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक सप्ताह पहले पूर्वी लद्दाख में बारूदी सुरंग विस्फोट में उनकी मौत हो गई थी।
आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
तेनजिन की मौत 29/30 अगस्त की रात पैंगोंग झील क्षेत्र के पास तब हो गई थी जब उनका पैर 1962 में बिछाई गई एक बारूदी सुरंग पर पड़ गया।
सूत्रों ने बताया कि उनकी मौत का संबंध उसी रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुए टकराव से नहीं है।
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एसएसएफ अत्यंत दक्ष सैन्य इकाई है जिसकी स्थापना 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी। इसमें मुख्यत: तिब्बती शरणार्थियों को भर्ती किया जाता है।
भारतीय सेना ने गत 31 अगस्त को कहा था कि उसने 29/30 अगस्त की रात पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे वाले क्षेत्र में यथास्थिति बदलने के चीनी सेना के प्रयास को विफल कर दिया।
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