नयी दिल्ली, चार जून राइट्स लि. की अनुषंगी आरईएमसीएल को भारतीय रेलवे से तीन गीगावॉट के सौर ऊर्जा संयंत्र की निविदा, स्थापना, निगरानी और प्रबंधन का बड़ा काम मिला है। इस संयंत्र की स्थापना रेलवे की खाली जमीन पर की जाएगी।
इस परियोजना को एक-एक गीगावॉट के तीन हिस्सों में बांटा गया है। समूची परियोजना 2022-23 तक पूरी होने की उम्मीद है।
कंपनी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि एक-एक गीगावॉट के पहले और तीसरे चरण का विकास डिजाइन, निर्माण, वित्त, परिचालन और स्थानांतरण के तहत सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में किया जाएगा। दूसरा चरण रेलवे एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लि. (आरईएमसीएल) के स्वामित्व मॉडल पर आधारित होगा। इसमें केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम निवेश योजना के तहत पूंजीगत सब्सिडी भी दी जाएगी।
बयान में कहा गया है कि रेलवे ने पहले ही आरईएमसीएल को बहुत कम किराये में पट्टे पर दी जाने वाली जमीन चिह्नित कर लिया है।
राइट्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक और आरईएमसीएल के चेयरमैन राजीव मेहरोत्रा ने कहा कि यह आरईएमसीएल को निविदा, स्थापना और सौर बिजली प्रबंधन का सबसे बड़ा काम मिला है।
उन्होंने कहा कि इससे आरईएमसीएल की हरित ऊर्जा प्रदाता और भारतीय रेलवे के लिए ऊर्जा प्रबंधक के रूप में स्थिति और मजबूत होगी।
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