नयी दिल्ली, नौ दिसंबर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उनके समकक्ष हुसैन बिन इब्राहिम अल हम्मादी के बीच बृहस्पतिवार को डिजिटल बैठक हुई जिसमें नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ ही शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण की भारत की योजना पर चर्चा हुई।
हम्मादी ने कहा, ‘‘नीति दूरदृष्टि वाला दस्तावेज है क्योंकि इसमें छात्रों के संपूर्ण विकास पर जोर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता है और दोनों देशों को शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घावधि सहयोग बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।’’
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पोखरियाल ने बताया कि भारत और यूएई के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिए जाने के चरण में है।
पोखरियाल ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इससे हमारे देशों के बीच उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सहयोग बढ़ेगा। भारत भी परस्पर संबंधों एवं सहयोग को मजबूत करने के लिए इच्छुक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत और यूएई के बीच काफी मजबूत एवं गहरा द्विपक्षीय संबंध है और दोनों पक्ष शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। यह बैठक हमारे संबंधों और मजबूत बनाने और खासकर शिक्षा के क्षेत्र में प्रगाढ़ करने के लिए हुई।’’
पोखरियाल ने यूएई के छात्रों को ‘स्टडी इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत भारत आने का निमंत्रण दिया और उच्च शिक्षा में ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (जीआईएएन) के तहत भारत के विश्वविद्यालयों में अल्पावधि के पाठ्यक्रमों के लिए और अधिक संख्या में शिक्षकों के आने के लिए निमंत्रण दिया।
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