राहुल गांधी को सजा पर सोरेन ने कहा गैर भाजपा नेताओं को षड्यंत्र का शिकार बनाया जा रहा है
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को गुजरात के सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में दो वर्ष के कैद की सजा सुनाये जाने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को कहा कि गैर भाजपा सरकारों एवं नेताओं को षड्यंत्र का शिकार बनाया जा रहा है.
रांची, 23 मार्च : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को गुजरात के सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में दो वर्ष के कैद की सजा सुनाये जाने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने बृहस्पतिवार को कहा कि गैर भाजपा सरकारों एवं नेताओं को षड्यंत्र का शिकार बनाया जा रहा है. सोरेन ने ट्वीट किया, ‘‘न्यायिक व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखते हुए भी मानहानि मामले में राहुल गांधीजी को सजा के निर्णय से असहमत हूं.'' सोरेन ने कहा, ''गैर-भाजपा सरकारों और नेताओं को षडयंत्र का शिकार बनाया जा रहा है. यह देश के लोकतंत्र और राजनीति के लिए चिंता का विषय है, लेकिन धनतंत्र के आगे जनतंत्र की कोई बिसात नहीं.'' उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी को लेकर 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में दो साल के कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने हालांकि गांधी को जमानत भी दे दी तथा उनकी सजा के अमल पर 30 दिनों तक के लिए रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता फैसले को चुनौती दे सकें.
कारावास की सजा सुनाए जाते समय राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे. उन्होंने बाद में इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए महात्मा गांधी की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा कि उनके लिए ‘सत्य ही भगवान’ हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के वकील बाबू मंगुकिया ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एच. एच. वर्मा की अदालत ने राहुल गांधी को सजा सुनाने के बाद उन्हें जमानत भी दे दी और उनकी सजा पर 30 दिन के लिये रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें. अदालत ने कांग्रेस नेता को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 499 और 500 के तहत दोषी करार दिया, ये धाराएं मानहानि और उससे संबंधित सजा से जुड़ी हैं. यह भी पढ़ें : राहुल गांधी की सजा के खिलाफ झारखंड विधानसभा में हंगामा
जनप्रतिनिधि कानून के अनुसार, दो साल या उससे अधिक समय के लिए कारावास की सजा पाने वाले व्यक्ति को ‘दोषसिद्धि की तारीख से’ अयोग्य घोषित किया जाएगा और वह सजा पूरी होने के बाद जनप्रतिनिधि बनने के लिए छह साल तक अयोग्य रहेगा. कांग्रेस ने कहा कि पार्टी कानून के तहत लड़ाई लड़ेगी और अदालत के इस फैसले को गुजरात उच्च न्यायालय में चुनौती देगी. गांधी ने फैसले के तुरंत बाद ट्वीट किया, ‘‘मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन-- महात्मा गांधी.’’ गांधी के खिलाफ यह मामला उनकी उस टिप्पणी को लेकर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था, ‘‘सभी चोरों का समान उपनाम मोदी ही कैसे है.’’ राहुल गांधी की इस टिप्पणी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने शिकायत दर्ज कराई थी. वायनाड से लोकसभा सदस्य गांधी ने यह कथित टिप्पणी 2019 के आम चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में आयोजित जनसभा में की थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2023 03:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

