नयी दिल्ली, 8 अगस्त केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि मार्च 2023 के अंत में क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट (चूक) की संख्या बढ़कर 4,072 करोड़ रुपये या 1.94 प्रतिशत हो गयी।
वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, “क्रेडिट कार्ड में चूक के संबंध में रिजर्व बैंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्रेडिट कार्ड में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) मार्च-2022 में 3,122 करोड़ रुपये और मार्च-2023 में 4,072 करोड़ रुपये थी, जबकि क्रेडिट कार्ड का बकाया मार्च-2022 और मार्च-2023 में क्रमशः 1.64 लाख करोड़ रुपये और 2.10 लाख करोड़ रुपये था।’’
उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड में जीएनपीए मार्च 2021 में 3.56 प्रतिशत से घटकर मार्च 2022 में 1.91 प्रतिशत हो गया है और मार्च 2023 में यह 1.94 प्रतिशत हो गया है, जबकि मार्च 2023 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का जीएनपीए 3.87 प्रतिशत था।
एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए, कराड ने कहा, वित्त वर्ष 2023 के दौरान सहकारी बैंकों द्वारा रिपोर्ट की गई धोखाधड़ी की कुल संख्या 964 थी, जिसमें 791.40 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022 के दौरान धोखाधड़ी की कुल संख्या 729 थी और इसमें शामिल राशि 536.59 करोड़ रुपये थी, जबकि वित्तवर्ष 2011 में 1,985.79 करोड़ रुपये की 438 धोखाधड़ी हुई थी।
उन्होंने कहा कि सभी सहकारी बैंकों को समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
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