नई दिल्ली: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने दी जानकरी, कहा- देश में प्लाज्मा बैंकों की संख्या के बारे में कोई आंकड़े नहीं
सरकार ने रविवार को कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी के इलाज के लिए 'कॉन्वेलसेंट' प्लाज्मा थैरेपी की सिफारिश नहीं की है और प्लाज्मा बैंकों की स्थापना के बारे में किसी प्रस्ताव पर विचार भी नहीं किया जा रहा है. कोविड-19 के लिए 'क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल' में 'कॉन्वेलसेंट' प्लाज्मा थैरेपी को ऐसी थैरेपी के तौर पर शामिल किया गया है जिसकी अभी जांच चल रही है.
नई दिल्ली, 20 सितंबर: सरकार ने रविवार को कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 (COVID19) महामारी के इलाज के लिए 'कॉन्वेलसेंट' प्लाज्मा थैरेपी की सिफारिश नहीं की है और प्लाज्मा बैंकों की स्थापना के बारे में किसी प्रस्ताव पर विचार भी नहीं किया जा रहा है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे (Ashwini Kumar Choubey) ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.
उन्होंने यह भी बताया कि राज्यों ने कोविड-19 मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी मुहैया कराने के लिए ऐसे बैंकों की स्थापना की पहल की है लेकिन इन बैंकों के संबंध में केंद्रीय स्तर पर कोई आंकड़े नहीं रखे गए हैं. प्रश्न में पूछा गया था कि देश में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए राज्यवार कितने प्लाज्मा बैंक हैं और क्या सरकार का देश में कोरोना वायरस की समस्या से निपटने के लिए और प्लाज्मा बैंकों की स्थापना करने का प्रस्ताव है.
चौबे ने कहा कि कोविड-19 के लिए 'क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल' में 'कॉन्वेलसेंट' प्लाज्मा थैरेपी को ऐसी थैरेपी के तौर पर शामिल किया गया है जिसकी अभी जांच चल रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2020 09:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

