देश की खबरें | बिना मंजूरी के भवन निर्माण के आरोपों की याचिका पर एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय को और समय दिया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने झारखंड में राज्य विधानसभा समेत अनेक भवनों का निर्माण बिना अनिवार्य पर्यावरण मंजूरी के किये जाने के आरोपों वाली याचिका पर रिपोर्ट देने के लिए पर्यावरण और वन मंत्रालय को बुधवार को और वक्त दिया।

न्यायमूर्ति एस पी वांगडी और विशेषज्ञ सदस्य नगीन नंदा की पीठ ने कहा कि विधानसभा भवन के संबंध में पर्यावरण मंत्रालय के समक्ष पहले ही आवेदन किया जा चुका है।

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पीठ ने कहा, ‘‘राज्य सरकार की ओर से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने और पर्यावरण तथा वन मंत्रालय की ओर से अधिकरण के 16 मार्च के आदेश का पालन करने के लिए और समय दिया जाता है। अगली तारीख तक वे इसे अनिवार्य रूप से पूरा करें।’’

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इससे पहले एनजीटी से कहा था कि प्रस्तावित झारखंड विधानसभा भवन और ‘नवीन रांची उच्च न्यायालय भवन और आवासीय परिसर’ निर्माण के लिए राज्य सरकार अलग-अलग पर्यावरण मुआवजे की देनदार है।

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एनजीटी की पीठ सामाजिक कार्यकर्ता आर के सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने रांची, जमशेदपुर, बोकारो और देवघर शहरों में अनेक भवनों का निर्माण पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 के तहत पूर्व अनिवार्य पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त किये बिना होने का आरोप लगाया।

याचिका में कहा गया कि झारखंड राज्य में अनेक ऐसे भवन हैं जिनका पर्यावरण प्रभाव आकलन नहीं किया गया है।

हरित अधिकरण ने इससे पहले याचिकाकर्ता के दावों का सत्यापन करने और रिपोर्ट देने के लिए पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय तथा राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों की एक समिति का गठन किया था।

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