नयी दिल्ली, 22 अगस्त उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कोविड-19 महामारी के बावजूद धान और अन्य फसलों की रिकॉर्ड बुवाई करने के लिए किसानों की शनिवार को सराहना की।
नायडू ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘खेती हमारी मूल संस्कृति है और हमारी अर्थव्यवस्था का एक मुख्य आधार है। हमें इसे बचाने और बढ़ावा देने की जरूरत है।’’
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उन्होंने कहा कि इस साल अब तक धान का कुल रकबा 378 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल की इसी अवधि के 339 लाख हेक्टेयर से लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि दलहनों की बुवाई का रकबा भी 6.8 प्रतिशत बढ़कर 132.5 लाख हेक्टेयर हो गया है। सभी तीन प्रमुख दलहनों - अरहर, उड़द और मूंग के लिए पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस बार खेती के अधिक रकबा होने की सूचना है।
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उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी बारिश की बदौलत, खरीफ की बुवाई पिछले साल के इसी सप्ताह की तुलना में 8.6 फीसदी बढ़ी है।’’
उन्होंने इस वर्ष भारतीय कृषि क्षेत्र द्वारा की गई कुछ अन्य उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि पिछले साल के मुकाबले तिलहन फसलों की बुवाई में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में सोयाबीन और मूंगफली खेती के रकबे में भी अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। कपास की फसल 127.7 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.4 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमेशा, किसानों के प्रति आभारी होना चाहिए, जो लाखों लोगों को खिलाने के लिए विपरीत स्थितियों के बावजूद दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अन्नदाता सुखी भव:।’’
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