मांग बढ़ने से सरसों में बढ़त जारी, CPO, पामोलीन- बिनौला में गिरावट
सोयाबीन तेल रहित खल (डीओसी) की हल्की फुल्की मांग के चलते दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को मांग बढ़ने से सरसों तेल तिलहन के भाव मजबूत रहे। वहीं, पामोलीन का आयात खोले जाने से कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन के अलावा बिनौला तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। अन्य तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नई दिल्ली, 31 अगस्त: सोयाबीन तेल (soybean oil) रहित खल (डीओसी) की हल्की फुल्की मांग के चलते दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार (Tuesday) को मांग बढ़ने से सरसों तेल तिलहन के भाव मजबूत रहे. वहीं, पामोलीन (palmolein) का आयात खोले जाने से कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन के अलावा बिनौला तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई. अन्य तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे.बाजार सूत्रों (market sources) ने कहा कि सोमवार (Monday) को छुट्टी की वजह से मंडियों (mandis) में सरसों (Mustard) की आवक कम यानी लगभग 85,000 बोरी रही जो मंगलवार (Tuesday) को बढ़कर एक बार फिर से लगभग एक लाख 75 हजार बोरी तक पहुंच गई. मंडियों में आवक बढ़ने के बावजूद मांग बढ़ने से सरसों तेल तिलहन के भाव मजबूती दर्शाते बंद हुए. यह भी पढे: UPI Fraud: ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त रहें अलर्ट, KYC, सिम या बैंक के नाम पर ऐसे हो सकती है धोखाधड़ी
सलोनी, आगरा और कोटा में सरसों का भाव 8,700 रुपये से बढ़ाकर 8,800 रुपये क्विन्टल बोला गया. अगले महीने सोयाबीन, बिनौला और मूंगफली की फसल आने की उम्मीदों से बिनौला का भाव गिरावट में रहा. सूत्रों ने कहा कि पामोलीन का आयात खोलने के बाद तेल संयंत्रों के बीच सीपीओ की मांग कम हुई है क्योंकि सीधे पामोलीन आयात उन्हें सस्ता बैठता है. इस वजह से सीपीओ और पामेलीन तेल कीमतों में गिरावट रही.
बाजार के जानकार बार बार सरकार को सुझाव दे रहे हैं कि उसे बाजार मूल्य पर कुछ सरसों स्टॉक की खरीद कर लेनी चाहिये. क्योंकि नई सरसों की फसल अभी करीब छह महीने दूर है. ऐसे में बाजार पर अंकुश रखने के लिये सरकार को अपने पास कुछ स्टॉक रखना चाहिये. इसके लिये नाफेड और हाफेड को खरीद करनी चाहिये. निर्यात मांग के कारण तिल तेल का भाव 400 रुपये सुधरकर 15,500-18,000 रुपये क्विन्टल हो गया. अन्य तेल तिलहनों के भाव पूर्ववत बंद हुए.
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 8,325 - 8,375 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये.
मूंगफली - 6,820 - 6,965 रुपये.
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,500 रुपये.
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,385 - 2,515 रुपये प्रति टिन.
सरसों तेल दादरी- 16,850 रुपये प्रति क्विंटल.
सरसों पक्की घानी- 2,590 -2,640 रुपये प्रति टिन.
सरसों कच्ची घानी- 2,675 - 2,785 रुपये प्रति टिन.
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,500 - 18,000 रुपये.
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,000 रुपये.
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,900 रुपये.
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,620 रुपये.
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,900 रुपये.
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,450 रुपये.
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,480 रुपये.
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,400 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 9,000 - 9,100, सोयाबीन लूज 8,600 - 8,800 रुपये
मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2021 05:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

