Mann Ki Baat 2020: पीएम नरेंद्र मोदी ने युवा उद्यमियों से देश में भारत के 'कंप्यूटर गेम्स' बनाने का किया आह्वान
आत्मनिर्भर भारत में डिजिटल खेलों की भूमिका को अहम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के युवा उद्यमियों से भारत में और भारत के कंप्यूटर गेम्स बनाने का आह्वान किया. युवा उद्यमियों से इस क्षेत्र में आगे आने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने उनसे कुछ नया करने का आग्रह किया.
नयी दिल्ली, 30 अगस्त: आत्मनिर्भर भारत में डिजिटल खेलों की भूमिका को अहम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को देश के युवा उद्यमियों से भारत में और भारत के कंप्यूटर गेम्स बनाने का आह्वान किया. आकाशवाणी पर मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 68वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने इस आह्वान के क्रम में चीन का नाम तो नहीं लिया लेकिन लोगों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन की याद जरूर दिलाई और कहा कि इसका उद्देश्य देशवासियों में आत्मसम्मान और अपनी शक्ति का बोध कराना था.
मोदी ने बच्चों और युवाओं में कंप्यूटर गेम्स के बढ़ते प्रचलन की चर्चा करते हुए कहा कि आज इस प्रकार के जितने भी गेम्स होते हैं, उनका मजमून अधिकतर बाहरी होता है जबकि देश में ऐसे विचारों का समृद्ध इतिहास रहा है. उन्होंने कहा, "मैं देश की युवा प्रतिभा से कहता हूं कि आप भारत में भी गेम्स बनाइए और भारत के भी गेम्स बनाइए. कहा भी जाता है तो चलो, खेल शुरू करते हैं."
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में डिजिटल गेम्स सहित अन्य क्षेत्रों को बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है और भारत के लिए अवसर भी है. मोदी ने कहा कि आज से 100 वर्ष पहले जब असहयोग आंदोलन शुरू हुआ तो गांधी जी ने कहा था कि यह आंदोलन देशवासियों में आत्मसम्मान और अपनी शक्ति का बोध कराने का एक प्रयास है.
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प्रधानमंत्री ने कहा, "आज जब हम देश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं तो हमें पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है. हर क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है. असहयोग आंदोलन के रूप में जो बीज बोया गया था, उसे अब आत्मनिर्भर भारत के वट वृक्ष में परिवर्तित करना हम सबका दायित्व है." उल्लेखनीय है कि कंप्यूटर गेमिंग की दुनिया में चीन का प्रभुत्व है और चीन निर्मित कई गेम्स भारत में भी प्रचलित हैं.
गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प के बाद भारत ने इस साल जून में टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, वेइबो, बायडु मैप और बायडु ट्रांसलेट समेत चीन के 59 ऐप पर रोक लगा दी थी. इसके बाद जुलाई में ऐसे 47 अन्य ऐप पर भी रोक लगा दी गई थी, जो सामान्यत: जून में प्रतिबंधित ऐप के क्लोन हैं या समान कंपनी के हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि नवाचार और समाधान देने में भारत का कोई मुकाबला नहीं है और जब इसमें समर्पण तथा संवेदना का भाव जुड़ जाता है तो यह शक्ति असीम बन जाती है. इस महीने की शुरुआत में युवाओं के लिए आयोजित एप इनोवेशन चैलेंज का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें करीब 7,000 प्रविष्टियां आईं जिसमें दो तिहाई द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों से थीं. उन्होंने कहा, "ये आत्मनिर्भर भारत के लिए, देश के भविष्य के लिए, बहुत ही शुभ संकेत है. काफी जांच-परख के बाद, अलग-अलग श्रेणियों में, लगभग दो दर्जन एप्स को पुरस्कार भी दिए गए."
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बच्चों के कुटुकी एप, कू-कू एप, चिंगारी एप और आस्क सरकार एप का जिक्र किया और इनकी खूबियों से सभी को अवगत कराया. युवा उद्यमियों से इस क्षेत्र में आगे आने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने उनसे कुछ नया करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "आज के छोटे-छोटे स्टार्ट-अप कल बड़ी-बड़ी कंपनियों में बदलेंगे और दुनिया में भारत की पहचान बनेंगे. और आप ये मत भूलिए कि आज जो दुनिया में बहुत बड़ी-बड़ी कम्पनियां नजर आती हैं, ये भी कभी स्टार्ट-अप हुआ करती थीं."
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 30, 2020 02:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

