नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी का लोगों की मानसिक सेहत पर बड़ा असर पड़ा है।
दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग की सचिव शकुंतला डी गामलिन ने ‘मानसिक स्वास्थ्य पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: कोविड-19 से परे दृष्टि’ को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए मानसिक सेहत संबंधी बढ़ते मामलों पर ध्यान देने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी का मानसिक सेहत पर बड़ा असर पड़ा है और दुनियाभर में इससे बीमारी का प्रकोप बढ़ सकता है।’’
गामलिन ने कहा, ‘‘मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के जटिल मुद्दों पर ध्यान देने के लिए सामुदायिक जागरुकता, परिवार स्तर पर परामर्श और समर्थन, शिक्षकों द्वारा परामर्श, हर स्तर पर जागरुकता और उचित नीति तथा कार्यक्रम हस्तक्षेप विकसित करने की जरूरत है।’’
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सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने किया।
गहलोत ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के सीहोर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान और मानसिक सेहत संबंधी विषयों पर ध्यान देने के लिए ‘किरण’ मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन शुरू करने जैसी पहलों की बात की।
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओफारेल ने उनके देश में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परिदृश्य की जानकारी दी।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा में लाने समेत पुनर्वास के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के संबंधित संस्थानों के माध्यम से संयुक्त पहल की जरूरत रेखांकित की।
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