ईटानगर, चार जून पहले मरीज को इलाज के बाद 16 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी मिलने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त घोषित किए गए अरुणाचल प्रदेश में पिछले महज 11 दिन में कोविड-19 के 37 नए मामले सामने आए हैं।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि केन्द्र सरकार द्वारा यात्रा प्रतिबंधों में छूट दिए जाने के बाद बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से लौटे निवासियों के कारण ही अरुणाचल प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि पिछले कुछ सप्ताह में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों, विमानों, बसों और निजी वाहनों से 8,000 से ज्यादा लोग इस पूर्वोत्तर राज्य में लौटे हैं, जबकि करीब 5,000 लोग आ रहे हैं।
साथ ही मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया कि घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि उनकी सरकार ने राज्य में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सक्रिय प्रणाली बनायी हुई है।
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खांडू ने अपने हालिया वीडियो संदेश में कहा कि लोगों को कोविड-19 मामलों में वृद्धि के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए, क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित राज्यों से और लोग अभी अरुणाचल प्रदेश लौट रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, ‘‘मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि अरुणाचल प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि होने पर आप घबराएं नहीं। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।’’
राज्य में 24 मई से तीन जून के बीच 37 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और ये सभी लोग देश के अन्य हिस्सों से लौटे हैं। सबसे ज्यादा 18 नए मामले एक जून को सामने आए।
कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच खांडू के नेतृत्व में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में और पीपीई एवं नमूने लेने तथा उन्हें सुरक्षित लैब तक पहुंचाने में उपयोग आने वाले किट की और खरीददारी का फैसला लिया गया है।
सरकार ने राज्य में प्रवेश के महत्वपूर्ण स्थानों पर जांच सुविधा रखने का भी फैसला लिया है ताकि आवश्यक वस्तुएं लेकर आने वाले वाहनों के चालकों का परीक्षण किया जा सके।
कोविड-19 पर राज्य के नोडल अधिकारी एल. जम्पा ने बृहस्पतिवार को बताया कि सभी नए मामले पृथक-वास केन्द्रों से आए हैं और मेडिकल टीमें मरीजों का बहुत अच्छे से ख्याल रख रही हैं।
जम्पा ने कहा, ‘‘लोगों को इस महामारी के साथ जीना सीखना होगा। मास्क पहनना, दो गज की दूरी बनाए रखना और बार-बार हाथ धोना अब सामान्य बात होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए त्रि-स्तरीय प्रणाली है। जिन मरीजों में लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं उन्हें कोविड-19 देखभाल केन्द्रों में रखा जा रहा है, जिनमें हल्के लक्षण है उन्हें स्वास्थ्य केन्द्रों में रखा जा रहा है जहां डॉक्टर आसानी से उपलब्ध हैं। वहीं गंभीर रूप से बीमार मरीजों को कोविड-19 इलाज के लिए तय अस्पतालों मे भर्ती कराया जा रहा है।’’
स्वास्थ्य मंत्री आलो लिबांग ने लोगों से शांत रहने और सरकार के सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।
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