एजेंसी न्यूज

केरल उच्च न्यायालय ने चिकित्सकीय निगरानी के बिना बच्चों के खतने के खिलाफ याचिका खारिज की

केरल उच्च न्यायालय ने चिकित्सकीय निगरानी के बिना बच्चों के खतने के चलन को अवैध घोषित करने और गैर जमानती अपराध घोषित करने के अनुरोध वाली याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया कि याचिका पूरी तरह से ‘‘अखबारों की रिपोर्ट’’ पर आधारित है और इसलिए यह सुनवाई योग्य नहीं है.

केरल उच्च न्यायालय ने चिकित्सकीय निगरानी के बिना बच्चों के खतने के खिलाफ याचिका खारिज की
Kerala High Court (Photo Credit : Twitter)

कोच्चि, 29 मार्च : केरल उच्च न्यायालय ने चिकित्सकीय निगरानी के बिना बच्चों के खतने के चलन को अवैध घोषित करने और गैर जमानती अपराध घोषित करने के अनुरोध वाली याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया कि याचिका पूरी तरह से ‘‘अखबारों की रिपोर्ट’’ पर आधारित है और इसलिए यह सुनवाई योग्य नहीं है. मुख्य न्याधीश एस. मणिकुमार और न्यायमूर्ति मुरली पुरुषोत्तमन ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता अपना मामला साबित नहीं कर पाए.

पीठ ने कहा, ‘‘अखबारों की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत रिट याचिका दायर करना सुनवाई योग्य नहीं है. रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री पर विचार करते हुए हमारा यह भी विचार है कि याचिकाकर्ता अपना मामला साबित नहीं कर पाए हैं.’’ पीठ ने आगे कहा कि वह कोई कानून बनाने वाली संस्था नहीं है और इसलिए एनजीओ नॉन-रिलिजियस (एनआरसी) ने जो राहत मांगी है वह ‘‘नहीं दी जा सकती’’. यह भी पढ़ें : कर्नाटक को ‘40 प्रतिशत कमीशन’ वाली सरकार से मुक्ति दिलाने का संकल्प लेते है: सुरजेवाला

एनजीओ ने अपनी याचिका में अदालत से इस प्रथा को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध के रूप में घोषित करने, केंद्र और केरल सरकार को इसे प्रतिबंधित करने वाले कानून की आवश्यकता और तात्कालिकता के बारे में सिफारिश करने या सलाह देने या ध्यान दिलाने का आग्रह किया. जो लोग बच्चों का खतना करते हैं या ऐसा करने का प्रयास करते हैं, याचिका में उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने को लेकर अदालत से पुलिस को निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है. याचिका में अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार को एनजीओ के अभिवेदन पर विचार करने और निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए. याचिका में इस संबंध में कानून बनाने तथा बच्चों संबंधी इस प्रथा पर प्रतिबंध लगाए जाने का अनुरोध किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2023 12:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).