नयी दिल्ली, 8 अगस्त जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने तमिल अध्ययन केंद्र के लिए जगह सुनिश्चित करने के वास्ते एक पुस्तकालय को बगल की इमारत में स्थानांतरित किये जाने को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि दोनों पुस्तकालयों को एक ही परिसर में ‘ठूंसने’ से संसाधनों को नुकसान पहुंचेगा।
जेएनयू शिक्षकों के इस संगठन ने ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र (सीएचएस) को एक्जिम बैंक लाइब्रेरी परिसर में स्थानांतरित करने की किसी भी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।
बयान में कहा गया है, ‘‘दो पुस्तकालयों और नये विशेष केंद्र का एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धी संबंध नहीं है और किसी एक या दूसरे को प्राथमिकता देने का कोई वित्तीय, कानूनी या शैक्षणिक कारण नहीं है।’’
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने पिछले सप्ताह छात्र समूहों के इस दावे को खारिज कर दिया था कि पुस्तकालय को बंद किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा था कि इसे बगल की इमारत में स्थानांतरित किया जा रहा है।
जेएनयूटीए ने कहा, ‘‘ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र और एक्जिम बैंक लाइब्रेरी दोनों इस विश्वविद्यालय को प्राप्त विशेष वित्तीय सहायता के परिणामस्वरूप अस्तित्व में आए। उनमें महत्वपूर्ण संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल शिक्षक, छात्र और शोधकर्ता कर सकते हैं। दोनों को एक ही परिसर में ‘ठूंसने’ से उन तक पहुंच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और इनमें से कुछ संसाधनों की बर्बादी भी होगी।’’
शिक्षक संघ ने तर्क दिया है कि ऐसी व्यवस्था उन वित्तीय मंजूरी की शर्तों का भी उल्लंघन है, जिसके माध्यम से दो पुस्तकालय बनाए गए थे।
वाम संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) सहित कई छात्र समूहों ने दावा किया था कि विशेष तमिल अध्ययन केंद्र को समायोजित करने के लिए ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र पुस्तकालय को बंद किया जा रहा है।
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