विदेशी विनिमय बाजार में शनिवार को डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की दर प्रति डॉलर गिरकर 2,62,000 तक चली गयी थी। इसी स्तर पर बाजार में इसकी खरीद—फरोख्त बंद कर दी गयी। बृहस्पतिवार को एक डॉलर 256,000 रियाल का था। शुक्रवार को यहां बाजार बंद रहता है।
जून में अंतिम में रियाल की दर लुढ़ककर 2,0,000 प्रति डॉलर के आसपास थी। ईरान ने 2015 में जब अमेरिका सहित विश्व के ताकतवर देशों के साथ परमाणु हथियार निषेध समझौता किया था तो एक डॉलर के लिए 32,000 ईरानी रियाल देने पड़ते थे।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दो साल पहले इस समझौते से अपने को अलग करने और ईरान पर सख्त व्यापारिक पाबंदी लगाने की घोषणा की थी। उस समय ईरानी मुद्रा में एक तेजी का दौर चला था।
पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद ईरान का तेल निर्यात बहुत घट गया। तेल उनकी आय का मुख्य जरिया है।
ईरान के केंद्रीय बैंक के प्रमुख अब्दुल नासिर हिम्मती ने शुक्रवार को बयान दिया था कि सरकार विदेशी विनिमय बाजार में हालात काबू में रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अधिकारी निर्यातकों को
महीनों से चेतावनी दे रहे हैं कि वे विदेशी मुद्रा में अर्जित अपनी आय को विदेशों में न रोके और उसे देश में लाएं। ऐसा न करने पर उनका लाइसेंस रद्द किए जाने की चेतावनी दी गयी है।
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि आदेश का अनुपालन न करने वालों के नाम प्रकाशित कराए जाएंगे।
बैंक की जून में एक रपट में कहा गया है कि ईरान के निर्यातक साल में तेल को छोड़ कर दूसरे प्रकार के 40 अरब डॉलर
के माल का निर्यात करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि निर्यातकों ने इस कमाई का आधा विदेशों में जमा कर रखा है।
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