नयी दिल्ली, 30 सितंबर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि सरकार का जोर लोक उपक्रमों का कारोबार, कार्यकुशलता और लाभ बढ़ाने पर है।
कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्रीय लोक उपक्रमों की अहम भूमिका की सराहना करते हुए जावड़ेकर ने कहा, ‘‘लोक उपक्रम देश का गौरव हैं और मोदी सरकार इनकी कार्यकुशलता, कारोबार और लाभप्रदता बढ़ाने पर जोर दे रही है।’’
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भारी उद्योग और लोक उपक्रम मंत्री जावड़ेकर महामारी के दौरान लोक उपक्रमों के योगदान के सार-संग्रह के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे।
‘आत्मनिर्भर, स्व:उत्थान और मजबूत भारत का निर्माण’ नाम के इस सार-संग्रह में कोविड-19 के दौरान लोक उपक्रमों के कामकाज का लेखाजोखा है।
जावड़ेकर ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने की ओर अग्रसर धीरे-धीरे फिर खुल रही भारत की अर्थव्यवस्था में लोक उपक्रमों का महत्व अब और बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय लोक उपक्रमों की उत्पादन क्षमता पूर्व स्तर के 90 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। महामारी के दौरान लोक उपक्रमों की ओर से बिजली आपूर्ति 99 प्रतिशत रही, करीब 24,000 रसोई गैस वितरकों, 71,000 खुदरा स्टोरों और 6,500 मिट्टी तेल वितरक केंद्रों ने लोगों की सेवा में चौबीसों घंटे सप्ताह के सातों दिन लगातार काम किया।
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