Rajasthan Weather Update: दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ अब राजस्थान में भी मौसम ने करवट ले ली है. सोमवार, 23 मार्च 2026 की सुबह राजधानी जयपुर के कई इलाकों में आसमान में काले बादल छा गए और गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण आए इस बदलाव ने पूरे शहर को ठंडी आगोश में ले लिया है. मौसम विभाग (IMD) ने जयपुर सहित प्रदेश के 13 जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया है.
जयपुर में सुबह से अंधेरा और मूसलाधार बारिश
जयपुर में सोमवार सुबह की शुरुआत काफी नाटकीय रही. सुबह करीब 7 बजे से ही शहर के ऊपर घने बादलों ने डेरा डाल दिया, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया. इसके बाद मालवीय नगर, वैशाली नगर, सांगानेर और राजा पार्क जैसे इलाकों में तेज गर्जना के साथ बारिश हुई. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़कों पर पानी बहता और तेज हवाओं के कारण पेड़ झूमते हुए देखे जा सकते हैं. इस बारिश से तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. यह भी पढ़े: Delhi Weather Update: दिल्ली में बदला मौसम का मिजाज, हल्की बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट, प्रदूषण से भी मिली राहत! VIDEO
जयपुर में झमाझम बारिश
इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, अगले कुछ घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है. विभाग ने निम्नलिखित जिलों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
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ऑरेंज अलर्ट: जयपुर, अलवर, भरतपुर, टोंक, झुंझुनू और सीकर.
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येलो अलर्ट: दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर और आसपास के क्षेत्र. इन इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है.
किसानों की बढ़ी चिंता
जहां एक ओर शहरवासियों के लिए यह मौसम सुहाना और राहत भरा है, वहीं किसानों के लिए यह 'आफत की बारिश' साबित हो सकती है. खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसल को तेज हवाओं और ओलावृष्टि से भारी नुकसान होने की आशंका है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि संभव हो तो कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें.
प्रशासन की तैयारी और सावधानी
खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और बिजली विभाग हाई अलर्ट पर है. नगर निगम को जलभराव की स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के मकानों में रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें. विभाग का अनुमान है कि 25 और 26 मार्च को एक और नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे बूंदाबांदी का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है.












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