World Environment Day 2026: 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: File Image)

World Environment Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)ने शुक्रवार को 'विश्व पर्यावरण दिवस' (World Environment Day) के अवसर पर देश और दुनिया के नागरिकों को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं. इस मौके पर उन्होंने उन सभी व्यक्तियों और संगठनों की दिल से सराहना की, जो पृथ्वी के पर्यावरण को सुरक्षित और संरक्षित रखने के काम में पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं. सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपना संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और सतत विकास (Sustainable Growth) को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया. यह भी पढ़ें: Heatwave: देश में भीषण गर्मी का प्रकोप! पीएम मोदी की नागरिकों से भावुक अपील- 'खुद को हाइड्रेटेड रखें और प्यासों को पानी जरूर पिलाएं'

नीतियों और जनभागीदारी से सुधरा पर्यावरण: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा, "विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं. मैं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्साही सभी लोगों की सराहना करता हूँ. यह दिन हमारे पर्यावरण की रक्षा करने और सतत विकास को आगे बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है."

उन्होंने आगे लिखा, "पिछले एक दशक में हमारी सरकार द्वारा किए गए अनेक प्रयास इस दिशा में हमारे कार्यों को रेखांकित करते हैं. भारत की कुछ प्रमुख सफलताओं में हरित क्षेत्र (Green Cover) का विस्तार और कई वन्यजीवों की आबादी में हुई वृद्धि शामिल है. भारत के लोगों ने यह दिखाया है कि कैसे सामूहिक प्रयास, नीतियां, विज्ञान में विश्वास और नवाचार (Innovation) हमारे पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं."

पीएम मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर शुभकामनाएं दीं

वैश्विक मंच के रूप में संयुक्त राष्ट्र की पहल

प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर्यावरण से जुड़ी गंभीर समस्याओं के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और पृथ्वी की रक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठाने को प्रेरित करता है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह दिवस पर्यावरण वकालत और सार्वजनिक सहभागिता के लिए दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक मंचों में से एक बन चुका है.

इस दिवस की उत्पत्ति का इतिहास साल 1972 में स्वीडन के स्टॉकहोम में आयोजित 'मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' (Stockholm Conference) से जुड़ा हुआ है. यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण शासन के इतिहास में एक मील का पत्थर था, जिसने वैश्विक नीति-निर्माण के केंद्र में पहली बार पारिस्थितिक चिंताओं को प्रमुखता से स्थापित किया था.

150 से अधिक देशों में फैला वैश्विक आंदोलन

स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तौर पर 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में घोषित किया, और पहला आधिकारिक आयोजन साल 1973 में किया गया था. वर्तमान में यह दिवस दुनिया के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों, जैसे—जलवायु परिवर्तन (Climate Change), प्रदूषण, जैव विविधता का नुकसान (Biodiversity Loss) और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन की याद दिलाता है.

बीते दशकों में यह आयोजन 150 से अधिक देशों की भागीदारी वाले एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है. इसके तहत दुनिया भर में वृक्षारोपण अभियान, समुद्र तटों की सफाई (Beach Clean-ups), शैक्षिक कार्यक्रम और नीतिगत पहल आयोजित की जाती हैं. हर साल इस आयोजन के लिए एक विशिष्ट मेजबान देश का चयन किया जाता है और पर्यावरण से जुड़े किसी एक ज्वलंत विषय (Theme) पर ध्यान केंद्रित किया जाता है.

पर्यावरणविदों का मानना है कि जहां सरकारें और बड़े संगठन संरक्षण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, वहीं व्यक्तिगत प्रयास भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. कचरे को कम करना, पानी की बचत, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और स्थायी जीवन शैली (Sustainable Lifestyle) अपनाकर हर नागरिक पर्यावरण संरक्षण में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकता है.