‘दिमागी नक्सली’ बयान पर सियासत तेज, किरेन रिजिजू ने दी सफाई, पी चिदंबरम बोले- 'मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व'
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद और उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने इसके साथ ही लोगों से "दिमागी नक्सलियों" को पहचानने की अपील की थी और कहा था कि वैचारिक स्तर पर राष्ट्रविरोधी सोच रखने वाले तत्व भी देश की प्रगति और स्थिरता के लिए चुनौती बन सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में इस्तेमाल किए गए 'दिमागी नक्सली' शब्द को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का यह बयान विपक्षी नेताओं के लिए नहीं था, बल्कि उन लोगों के लिए था जो राष्ट्रविरोधी विचारों या गतिविधियों का समर्थन करते हैं. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें "दिमागी नक्सली" कहलाने पर गर्व है.
किरेन रिजिजू ने दी सफाई
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी नेताओं को "दिमागी नक्सली" नहीं कहा था. उन्होंने लिखा कि "दिमागी नक्सली" वे लोग हैं जो:
माओवादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते.
अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और अनुच्छेद 370 की बहाली का समर्थन करते हैं.
भारत के उत्तर-पूर्व को देश के बाकी हिस्से से अलग करने के लिए 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) को काटने जैसी बातें करते हैं.
किरेन रिजिजू ने 'दिमागी नक्सलियों' की चेतावनी का बचाव किया:
PM @narendramodi ji didn't say opposition leaders as Dimagi Naxals. Only following are Dimagi Naxals:
1. Who support Maoists and reject Indian Constitution.
2. Who stand with separatists & support Article 370.
4. Who want to cut chicken neck to separate North-East from India.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 16, 2026
पी चिदंबरम का जवाब
रिजिजू की टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी X पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने संक्षिप्त पोस्ट में लिखा, "मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है!" चिदंबरम की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है.
‘एक होने पर गर्व’:
I am proud to be a dimagi naxal !
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 16, 2026
क्या कहा था प्रधानमंत्री मोदी ने?
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद और उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने इसके साथ ही लोगों से "दिमागी नक्सलियों" को पहचानने की अपील की थी और कहा था कि वैचारिक स्तर पर राष्ट्रविरोधी सोच रखने वाले तत्व भी देश की प्रगति और स्थिरता के लिए चुनौती बन सकते हैं. प्रधानमंत्री की इसी टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में इस शब्द को लेकर बहस छिड़ गई, जिस पर अब किरेन रिजिजू और पी. चिदंबरम के बयानों ने नया मोड़ दे दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2026 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

