देश

Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा दांव, 11 उम्मीदवारों की लिस्ट में दिखा 2029 का रोडमैप; जानें किन चेहरों पर पार्टी ने जताया भरोसा

विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की यह उम्मीदवार सूची सिर्फ राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों की राजनीतिक रणनीति का भी संकेत देती है. पार्टी क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधते हुए अपने नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. राज्यसभा चुनाव के नतीजे न केवल संसद के उच्च सदन में भाजपा की स्थिति को मजबूत करेंगे, बल्कि 2029 के आम चुनावों से पहले पार्टी के राजनीतिक विस्तार की रणनीति को भी नई दिशा दे सकते हैं.

Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा दांव, 11 उम्मीदवारों की लिस्ट में दिखा 2029 का रोडमैप; जानें किन चेहरों पर पार्टी ने जताया भरोसा
(Photo Credits ANI)

Rajya Sabha Elections: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है. पार्टी ने विभिन्न राज्यों से कुल 11 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए साफ संकेत दिया है कि वह न सिर्फ राज्यसभा में अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहती है, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए भी मजबूत राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है. इस सूची में संगठन के अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कई नए चेहरों को भी जगह दी गई है. भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन, महिला भागीदारी और संगठनात्मक अनुभव जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं का ध्यान रखा है. Rajya Sabha Elections 2026:10 राज्यों की 24 सीटों पर 18 जून को होगा मतदान, चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

खास बात यह है कि गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में घोषित नामों को पार्टी की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उम्मीदवार सूची सिर्फ राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा के भविष्य के राजनीतिक रोडमैप की भी झलक पेश करती है.

इन राज्यों से घोषित किए गए उम्मीदवार

भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश से ताई तागाक को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी लगातार अपना जनाधार मजबूत करने में जुटी हुई है और ताई तागाक की उम्मीदवारी को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

गुजरात से भाजपा ने चार उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है. इनमें राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जीतेंद्र मेघजीभाई कंजारिया का नाम शामिल है. राज्य में भाजपा की मजबूत राजनीतिक स्थिति को देखते हुए इन उम्मीदवारों की जीत की संभावना काफी प्रबल मानी जा रही है.

मध्य प्रदेश से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और वरिष्ठ नेता रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया गया है. दोनों नेताओं को संगठन में उनके अनुभव और योगदान का पुरस्कार मिला है.

मणिपुर से ए. शारदा देवी को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने महिला प्रतिनिधित्व को भी महत्व देने का संदेश दिया है. वहीं राजस्थान से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया गया है.

ओडिशा में दिलचस्प हुआ राजनीतिक मुकाबला

ओडिशा की राज्यसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में भाजपा ने देबाशीष सामंतराय को उम्मीदवार बनाया है. यह सीट उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जब उन्होंने बीजू जनता दल (बीजेडी) छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था.

भाजपा ने अब उन्हीं पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला ओडिशा में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत और विपक्षी दलों के प्रभावशाली नेताओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है.

गुजरात में कांग्रेस के लिए बढ़ सकती है मुश्किल

गुजरात में राज्यसभा चुनाव इस बार खास चर्चा में हैं. भाजपा द्वारा चारों सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बाद यह माना जा रहा है कि सभी सीटें उसके खाते में जा सकती हैं. यदि ऐसा होता है तो गुजरात से राज्यसभा में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि नहीं रहेगा.

राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह स्थिति राज्य में कांग्रेस की लगातार कमजोर होती राजनीतिक स्थिति को भी दर्शाती है. पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस के कई बड़े नेता भाजपा में शामिल हुए हैं, जिसका असर अब राज्यसभा चुनावों में भी दिखाई दे सकता है.

2029 के चुनावी समीकरणों की झलक

विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की यह उम्मीदवार सूची सिर्फ राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों की राजनीतिक रणनीति का भी संकेत देती है. पार्टी क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधते हुए अपने नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. राज्यसभा चुनाव के नतीजे न केवल संसद के उच्च सदन में भाजपा की स्थिति को मजबूत करेंगे, बल्कि 2029 के आम चुनावों से पहले पार्टी के राजनीतिक विस्तार की रणनीति को भी नई दिशा दे सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2026 07:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).