जंग के बीच ईरान में लोगों को दी जा रही फांसी
ईरान में इस हफ्ते तीन युवकों को फांसी की सजा दी गई.
ईरान में इस हफ्ते तीन युवकों को फांसी की सजा दी गई. इन तीनों को देशभर में हुए प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था. मानवाधिकार संगठनों को डर है कि ऐसे ही कई और लोगों को फांसी की सजा दी जा सकती है.ईरान बीते तीन हफ्तों से इस्राएल और अमेरिका से जंग लड़ रहा है. लेकिन इस युद्ध के बीच भी ईरान में लोगों को मौत की सजा देने का सिलसिला नहीं थमा है. इसी हफ्ते ईरान में एक 19 साल के एक मशहूर पहलवान और दो अन्य युवकों को फांसी दे दी गई. ये तीन युवक उन हजारों लोगों में से थे जिन्हें इस साल जनवरी में हुए नागरिक प्रदर्शनों के बाद हिरासत मे लिया गया था.
इन युवकों को दी गई फांसी के बाद से मानवाधिकार समूहों में चिंता बढ़ गई है. उनका अनुमान है कि अब ईरान में फिर से फांसी की एक नई लहर शुरू हो सकती है और करीब 100 से ज्यादा लोगों को मौत की सजा दी जा सकती है. ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, पहलवान सालेह मोहम्मदी को गुरुवार सुबह मेहदी कासेमी और सईद दाऊदी के साथ राजधानी तेहरान के दक्षिणी इलाके कोम में फांसी दी गई.
इन तीनों युवकों को विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर दो पुलिस अधिकारियों की हत्या करने और ‘मोहरेबेह' यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोपों में सजा सुनाई गई थी. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि इन तीन युवकों और अन्य गिरफ्तार लोगों को दी गई सजा अनुचित मुकदमों का नतीजा थी और इन गिरफ्तार लोगों को यातना देकर उनसे जबरन बयान लिए गए.
मारे गए तीन युवकों में से एक सईद दाऊदी को उनके 22वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले फांसी दी गई. वहीं सालेह मोहम्मदी कुश्ती का जाना माना नाम थे. उन्होंने 2024 में रूस में एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पदक जीता था. सोशल मीडिया पर सालेह अपनी रेस्लिंग और दिनचर्या से जुड़े वीडियो शेयर किया करते थे. उनके करीबियों का कहना है कि वह बहुत ऊर्जावान थे और मुश्किल हालात में भी खुद को खुश रखने की कोशिश करते थे. महसा अमीनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों में सालेह ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. मोहम्मदी, कासेमी और दाऊदी को 15 जनवरी को कोम में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.
ओस्लो में मौजूद मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स के निदेशक महमूद अमीरी मोगद्दाम ने कहा कि इन फांसियों का मकसद अमेरिका-इस्राएल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरानी समाज में डर पैदा करना और नए विरोध प्रदर्शनों को दबाना है. उन्होंने चिंता जताई कि कई अन्य प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक कैदियों को भी जल्द ही फांसी दी जा सकती है. मोगद्दाम के संगठन ने कम से कम 27 ऐसे लोगों का रिकॉर्ड रखा है जिन्हें मौत की सजा दी जा चुकी है, जबकि 100 अन्य पर ऐसे आरोप हैं जिनमें मौत की सजा का प्रावधान है.
ईरान में 2025 के अंत और इस साल जनवरी में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहद हिंसक कार्रवाई की थी. अमेरिका की एक मानवाधिकार एजेंसी का दावा है कि इस दौरान 7,000 से अधिक लोग मारे गए और 50,000 से ज्यादा को गिरफ्तार किया गया था. जबकि ईरानी सरकार ने 3,000 से अधिक मौतों की बात स्वीकार की थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 22, 2026 06:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

