जरुरी जानकारी | सरकार ने बी2सी चालान पर क्यूआर कोड के क्रियान्वयन को एक दिसंबर तक टाला

नयी दिल्ली, 30 सितंबर सरकार ने बुधवार को व्यवसाय-से-उपभोक्ता (बी2सी) को दिये जाने वाले बिलों पर डायनामिक क्यूआर कोड प्रिंट करने की आवश्यकता को दो महीने के लिये यानी एक दिसंबर तक टाल दिया है।

क्विक रिस्पांस कोड (क्यूआर कोड) डिजिटल ई-चालान में विवरण को सत्यापित करने में मदद करता है।

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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने ट्वीट किया, ‘‘बी2सी के चालान पर डायनेमिक क्यूआर कोड की आवश्यकता को एक दिसंबर 2020 तक के लिये टाल दिया गया है।’’

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली कंपनियों को एक अक्टूबर से बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) लेनदेन के लिए ई-चालान तैयार करना होगा।

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हालांकि, बी 2 सी (व्यवसाय-से-उपभोक्ता) लेनदेन के लिये ई-चालान अभी अनिवार्य नहीं है।

ईवाई के टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि बी2सी चालानों के लिये इस अनुपालन पर काफी अस्पष्टता है। उद्योग को इसे टाले जाने के साथ-साथ एक स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा थी।

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